दुर्ग भिलाई में 4 करोड़ की ‘कैश खेप’ से हड़कंप! बोलेरो के गुप्त चेंबर में छिपी थी करोड़ों की नकदी, 2 हिरासत में—हवाला कनेक्शन की आशंका! सबहेडिंग: खु

दुर्ग  भिलाई में 4 करोड़ की ‘कैश खेप’ से हड़कंप! बोलेरो के गुप्त चेंबर में छिपी थी करोड़ों की नकदी, 2 हिरासत में—हवाला कनेक्शन की आशंका! सबहेडिंग: खु
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

26 अक्टूबर 2026 दुर्ग/ र्भिलाई :- छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में पुलिस की वाहन चेकिंग के दौरान करीब 4 करोड़ रुपये नकद बरामद होने की जानकारी सामने आई है। बताया जा रहा है कि रायपुर की ओर से नागपुर जा रही एक सफेद रंग की बोलेरो मैक्स पिकअप में यह रकम छिपाकर ले जाई जा रही थी। वाहन के पिछले हिस्से में कथित तौर पर एक गुप्त चेंबर बनाया गया था, जिसमें नकदी रखी गई थी। मामले में पुलिस ने वाहन में सवार दो लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है।

वाहन जांच के दौरान सामने आया मामला

जानकारी के अनुसार, रविवार रात 26 अक्टूबर 2026 को दुर्ग जिले के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में पुलिस वाहनों की जांच कर रही थी। इसी दौरान रायपुर की ओर से आ रही सफेद रंग की बोलेरो मैक्स पिकअप को जांच के लिए रोका गया। वाहन का पंजीयन नंबर CG 04 QU 5996 बताया गया है।

पुलिस ने जब वाहन की तलाशी ली, तो उसके पिछले हिस्से में बने कथित गुप्त चेंबर से बड़ी मात्रा में नकदी मिलने की बात सामने आई। शुरुआती जानकारी में बरामद रकम लगभग 4 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इतनी बड़ी मात्रा में नकदी मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आगे की जांच शुरू की।

रायपुर से नागपुर ले जाई जा रही थी रकम?

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, पिकअप रायपुर से नागपुर की ओर जा रही थी। हालांकि, नकदी किसकी है, इसे किस उद्देश्य से ले जाया जा रहा था और इसे कहां पहुंचाया जाना था, इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

मामले में हवाला लेन-देन की आशंका भी जताई जा रही है। लेकिन जब तक पुलिस की जांच में इसकी पुष्टि नहीं होती, तब तक बरामद रकम को हवाला का पैसा मानना उचित नहीं होगा। पुलिस नकदी के स्रोत, परिवहन से जुड़े दस्तावेजों और वाहन में सवार लोगों की भूमिका की पड़ताल कर सकती है।

दो लोगों से पूछताछ, कई सवालों के जवाब तलाश रही पुलिस

वाहन में सवार दो लोगों को हिरासत में लिए जाने की जानकारी है। उनसे नकदी के संबंध में पूछताछ की जा रही है। जांच में यह पता लगाना महत्वपूर्ण होगा कि रकम किस व्यक्ति या संस्था की है, इसे ले जाने की जिम्मेदारी किसकी थी और क्या इस लेन-देन से संबंधित वैध दस्तावेज मौजूद हैं।

जांच के दौरान नकदी के स्रोत और उसके संभावित उपयोग से जुड़े तथ्यों की पुष्टि होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी। फिलहाल, किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता या अवैध गतिविधि को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।

जांच के बाद सामने आएगी पूरी तस्वीर

खुर्सीपार थाना क्षेत्र में हुई इस कथित बरामदगी ने बड़े नकद परिवहन और उसके स्रोत को लेकर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, बरामदगी, हिरासत में लिए गए व्यक्तियों और हवाला की आशंका से संबंधित जानकारी की आधिकारिक पुष्टि तथा पुलिस का विस्तृत बयान सामने आने के बाद ही घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट रूप से बताया जा सकेगा।

फिलहाल सबसे अहम सवाल यही हैं—4 करोड़ रुपये किसके हैं, इतनी बड़ी रकम गुप्त चेंबर में क्यों रखी गई थी और रायपुर से नागपुर तक इसे ले जाने का वास्तविक उद्देश्य क्या था? इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और आधिकारिक जानकारी से ही सामने आएंगे।