जगदलपुर के पेट्रोल पंपों पर सुविधाओं का टोटा! हवा मशीन खराब, शौचालय बदहाल और पीने का पानी नदारद—आखिर जिम्मेदार कौन?
25 अक्टूबर 2026 ग्राउंड रिपोर्ट | जगदलपुर, बस्तर
पेट्रोल-डीजल भरवाने के बाद भी बुनियादी सुविधाओं के लिए भटक रहे वाहन चालक! ग्राहकों और राहगीरों को सुविधाएं नहीं मिलने पर तेल कंपनियों से सीधे शिकायत करने का अधिकार, जिला प्रशासन भी नियमित जांच दल भेजकर करे निरीक्षण और दोषियों पर कार्रवाई।
जगदलपुर मे पेट्रोल और डीजल भरवाने के लिए वाहन चालक पेट्रोल पंप पहुंचते हैं, लेकिन वहां मिलने वाली बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। हवा भरने की मशीनों की खराब स्थिति, शौचालयों की बदहाली, पीने के पानी की अनुपलब्धता और सुविधाओं के संचालन में लापरवाही जैसी शिकायतें सामने आने पर संबंधित तेल कंपनियों और जिला प्रशासन की जवाबदेही तय करने की मांग उठती है।
पेट्रोल पंप पर पहुंचने वाला ग्राहक केवल ईंधन ही नहीं खरीदता, बल्कि लागू नियमों के तहत उपलब्ध कराई जाने वाली जरूरी सुविधाओं का भी हकदार होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि पेट्रोल पंपों पर बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं, तो उनकी निगरानी कौन कर रहा है और शिकायतों पर कार्रवाई कब होगी?
हवा भरवाने के लिए भी परेशान वाहन चालक और राहगीर
वाहन चालकों के लिए टायरों में हवा भरने की सुविधा महत्वपूर्ण है। शिकायत है कि कुछ पेट्रोल पंपों पर हवा भरने की मशीनें खराब पड़ी रहती हैं या उन्हें संचालित करने के लिए कर्मचारी उपलब्ध नहीं होते। इससे वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
यदि हवा भरने की सुविधा उपलब्ध कराने की व्यवस्था है, तो मशीनों का रखरखाव और उनका नियमित संचालन सुनिश्चित करना जरूरी है। संबंधित तेल कंपनियों को भी अपने पेट्रोल पंपों की व्यवस्था की निगरानी करनी चाहिए।
शौचालयों की बदहाली, यात्रियों की परेशानी
पेट्रोल पंपों पर शौचालयों की उपलब्धता और साफ-सफाई यात्रियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाओं, बुजुर्गों, बच्चों और लंबी दूरी तय करने वाले वाहन चालकों को स्वच्छ शौचालय की आवश्यकता होती है।
यदि शौचालय गंदे हों, पानी की व्यवस्था न हो या उनका उपयोग करना मुश्किल हो, तो यह गंभीर जनसुविधा का विषय है। संबंधित अधिकारियों को शौचालयों की वास्तविक स्थिति की जांच करनी चाहिए और कमियां मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई करनी चाहिए।
पीने का पानी नहीं, तो यात्रियों को राहत कैसे?
गर्मी और लंबे सफर के दौरान स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता आवश्यक है। पेट्रोल पंपों पर पीने का पानी उपलब्ध नहीं होने की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
जिला प्रशासन और संबंधित तेल कंपनियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि लागू मानकों के अनुसार आवश्यक सुविधाएं वास्तव में उपलब्ध हों और उनका नियमित रखरखाव किया जाए।
पेट्रोल पंपों पर सुविधाओं के साथ व्यवहार पर भी सवाल! हवा मशीन खराब, पूछने पर कर्मचारियों का उल्टा जवाब
जगदलपुर के पेट्रोल पंपों पर बुनियादी सुविधाओं की कमी के साथ कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर भी शिकायतें सामने आ रही हैं। वाहन चालकों का आरोप है कि हवा भरने की मशीन खराब होने की जानकारी मांगने पर कुछ कर्मचारी संतोषजनक जवाब देने के बजाय उल्टा जवाब देते हैं और ग्राहकों से ठीक से बात तक नहीं करते।
ईंधन खरीदने पहुंचे ग्राहकों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करना सेवा व्यवस्था का अहम हिस्सा है। सवाल यह है कि क्या पेट्रोल पंप संचालक अपने कर्मचारियों के व्यवहार और सुविधाओं की नियमित निगरानी कर रहे हैं? संबंधित तेल कंपनियों और प्रशासन को शिकायतों की जांच कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करना चाहिए।
ग्राहकों और राहगीरों के विशेष अधिकार, सीधे कर सकते हैं शिकायत
पेट्रोल पंप पर पेट्रोल या डीजल भरवाने पहुंचे ग्राहकों के साथ-साथ वहां उपलब्ध सार्वजनिक सुविधाओं का उपयोग करने वाले राहगीरों की शिकायतों को भी गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
यदि किसी पेट्रोल पंप पर हवा भरने की मशीन खराब है, शौचालय की स्थिति खराब है, पीने का पानी उपलब्ध नहीं है या अन्य निर्धारित सुविधाओं में कमी है, तो संबंधित व्यक्ति पेट्रोल पंप के प्रबंधक अथवा संबंधित तेल विपणन कंपनी के शिकायत निवारण तंत्र से शिकायत कर सकता है।
जिला प्रशासन की भी बनती है जवाबदेही
जगदलपुर के पेट्रोल पंपों पर बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन को संबंधित तेल कंपनियों और सक्षम विभागों के साथ समन्वय कर नियमित निरीक्षण की व्यवस्था करनी चाहिए।
प्रशासन को जरूरत के अनुसार जांच दल भेजकर हवा भरने वाली मशीनों, शौचालयों, पेयजल, प्राथमिक उपचार पेटी और अग्निशमन उपकरणों की स्थिति की जांच करानी चाहिए। निरीक्षण के दौरान कमियां मिलने पर संबंधित संचालकों को नियमानुसार सुधार के निर्देश दिए जाएं और उल्लंघन की गंभीरता के अनुसार कार्रवाई की जाए।
साथ ही, प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि पेट्रोल पंपों के निरीक्षण की जिम्मेदारी किन विभागों की है, जांच कितनी नियमित होती है और शिकायत मिलने पर कार्रवाई की प्रक्रिया क्या है।
जिम्मेदार विभागों से सीधे सवाल
- क्या जगदलपुर के पेट्रोल पंपों पर नियमित निरीक्षण किया जा रहा है?
- क्या हवा भरने वाली मशीनों की कार्यशील स्थिति की जांच होती है?
- क्या शौचालयों की साफ-सफाई और पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है?
- क्या ग्राहकों की शिकायतों पर संबंधित तेल कंपनियां समयबद्ध कार्रवाई करती हैं?
- क्या जिला प्रशासन नियमित जांच दल भेजकर कमियों को दूर कराने के निर्देश देगा?
- नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित पेट्रोल पंप संचालकों के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?
अब निरीक्षण, पारदर्शिता और जवाबदेही जरूरी
पेट्रोल पंप केवल ईंधन बेचने का स्थान नहीं, बल्कि लागू नियमों के तहत आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी से भी जुड़े हैं। हालांकि, सभी पेट्रोल पंपों के विरुद्ध शिकायतों को बिना जांच के सही नहीं माना जा सकता। इसलिए निष्पक्ष निरीक्षण के बाद ही वास्तविक स्थिति सामने आनी चाहिए।
जगदलपुर के वाहन चालकों और आम नागरिकों को उम्मीद है कि संबंधित तेल कंपनियां शिकायतों पर गंभीरता से ध्यान देंगी और जिला प्रशासन भी नियमित निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई करेगा।
अब बड़ा सवाल यही है—क्या जिला प्रशासन पेट्रोल पंपों की जांच के लिए नियमित दल भेजेगा? क्या तेल कंपनियां खराब सुविधाओं को दुरुस्त कराएंगी? और यदि जांच में लापरवाही सामने आती है, तो जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी?
Times of Bastar | जनहित में सवाल, जवाबदेही की मांग।