बड़ेडोंगर में हल्बा-हल्बी समाज की तीनों महासभाएं एकजुट, जिला स्तरीय युवा प्रभाग का गठन

बड़ेडोंगर में हल्बा-हल्बी समाज की तीनों महासभाएं एकजुट, जिला स्तरीय युवा प्रभाग का गठन
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

25 अक्टूबर 2026 कोंडागांव :-

सामाजिक एकता, अखंडता और भाईचारे को मजबूत करने पर जोर; युवा प्रकोष्ठ की नई जिम्मेदारियां तय, समाज के विकास के लिए सामूहिक प्रयास का संकल्प

बड़ेडोंगर मे मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना के पश्चात बड़ेडोंगर मुख्यालय स्थित हल्बा सामाजिक भवन में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज की 18 गढ़ महासभा, 32 गढ़ महासभा एवं 36 गढ़ महासभा की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में समाज की एकता, अखंडता, आपसी भाईचारे और संगठनात्मक मजबूती पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही तीनों महासभाओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने तथा युवाओं की सामाजिक भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय युवा प्रभाग का गठन किया गया।

एकता और अखंडता बनाए रखने का आह्वान

बैठक में उपस्थित समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि सामाजिक संगठन की मजबूती के लिए सभी को आपसी मतभेद भुलाकर एकजुटता के साथ आगे बढ़ना होगा। समाज की एकता और अखंडता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत है। इसे बनाए रखने के लिए प्रत्येक सदस्य को अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।

बैठक में समाज के विकास, आपसी सहयोग, सामाजिक परंपराओं के संरक्षण और संगठनात्मक गतिविधियों को प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। पदाधिकारियों ने सभी समाजजनों से सामूहिक प्रयासों के माध्यम से संगठन को और अधिक सशक्त बनाने का आह्वान किया।

जिला स्तरीय युवा प्रभाग का गठन

तीनों महासभाओं की संयुक्त बैठक में युवाओं को संगठित कर सामाजिक गतिविधियों में उनकी भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय युवा प्रभाग के पदाधिकारियों का मनोनयन किया गया।

युवा प्रभाग के प्रमुख पदाधिकारी इस प्रकार हैं—

- अध्यक्ष: केशरचंद पुजारी (18 गढ़)

- उपाध्यक्ष: टिकन नाईक (32 गढ़)

- सचिव: डीकेश भूआर्य (36 गढ़)

- कोषाध्यक्ष: बिजेंद्र कुदराम (18 गढ़)

- सह-कोषाध्यक्ष: अशोक चनाप (32 गढ़)

- सलाहकार: लोकेश कुंवर (32 गढ़) एवं बीरेंद्र बघेल (18 गढ़)

- मीडिया प्रभारी: खिलेश गागड़ा (18 गढ़), बरातू शांडिल्य (18 गढ़) एवं संजू बेलसरिया (18 गढ़)

सामान्य प्रकोष्ठ के पदाधिकारियों का भी मनोनयन

बैठक में सामान्य प्रकोष्ठ के जिला स्तरीय पदाधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की गई।

- अध्यक्ष: सखाराम समरथ (32 गढ़)

- उपाध्यक्ष: शिवकुमार पात्र (18 गढ़)

- सचिव: अगरचंद नाग (32 गढ़)

नवनियुक्त पदाधिकारियों से अपेक्षा जताई गई कि वे समाज के लोगों को साथ लेकर संगठनात्मक गतिविधियों को आगे बढ़ाएंगे और तीनों महासभाओं के बीच समन्वय को मजबूत करेंगे।

बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी और समाजजन हुए शामिल

बैठक में बीरेंद्र चनाप, पूर्व अध्यक्ष राष्ट्रीय महासभा; लतेलराम नाईक, अध्यक्ष 18 गढ़ महासभा; शिवकुमार पात्र, अखिल भारतीय हल्बा समाज कोंडागांव जिलाध्यक्ष; सियाराम चनाप, लुभा सिंह नाग, एल.एन. नाग, पंजीयन शाखा महासचिव 18 गढ़ महासभा; लक्ष्मी नारायण बेलसरिया, विद्या सागर नायक, रामसिंह प्रधान, अगरचंद नाग, चंद्रबती पुजारी, सरपंच ग्राम पंचायत बड़ेडोंगर; मोहन सिंह कंवर, बीरेंद्र बघेल, भाजपा युवा मोर्चा मंत्री केशकाल; बलधर भोयर, मुकुंद देहारी, टिकेंद्र नाईक, बिजेंद्र कुदराम, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष बड़ेडोंगर; महेंद्र प्रधान, संभाग अध्यक्ष बड़ेडोंगर; गुरमीत बेलसरिया, तिजऊ बघेल, सुरेश समरथ, उपसरपंच ग्राम पंचायत बड़ेडोंगर; मेंघराज पात्र, अमरनाथ राना, सखाराम समरथ, केशव समरथ, नकुल नायक तथा नंदकुमार प्रधान, अध्यक्ष 18 गढ़ महासभा बड़ेडोंगर उपस्थित रहे।

इसके अलावा मदन कोलियारा, अध्यक्ष 32 गढ़ महासभा बड़ेडोंगर; लोकेश कुंवर, ब्लॉक अध्यक्ष कोंडागांव; तुलेश्वर नाग, डीकेश भूआर्य, योगेश पात्र, केशरचंद पुजारी, ब्लॉक अध्यक्ष फरसगांव; मंगलेश मुर्रा, धनेश्वर प्रधान, भरत घरत, ब्लॉक अध्यक्ष माकड़ी; ओमप्रकाश नाईक, धनंजय नाग, देवेंद्र माहला, लेखशेखर नाग, ब्लॉक उपाध्यक्ष बड़ेराजपुर; गौतम चुरगिया, खिलेश गागड़ा, बरातू शांडिल्य, टेश्वर बघेल, ब्लॉक अध्यक्ष धनोरा; प्रेमसिंह देहारी, भारत पुजारी, मोतीलाल भोयर, ब्लॉक अध्यक्ष मर्दापाल; हरीश समरथ, नुकेश पात्र, अंजिक्का पात्र सहित विभिन्न गांवों से आए समाजजन, महिलाएं एवं युवतियां भी उपस्थित रहीं।

संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प

बैठक का मुख्य उद्देश्य हल्बा-हल्बी समाज की एकजुटता को बढ़ावा देना, तीनों महासभाओं के बीच समन्वय स्थापित करना और युवाओं को संगठनात्मक जिम्मेदारियों से जोड़ना रहा। बैठक में समाज के पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने मिल-जुलकर कार्य करने तथा सामाजिक एकता और अखंडता को बनाए रखने का संकल्प लिया।

  • जिला स्तरीय युवा प्रभाग के गठन को समाज की भावी पीढ़ी को संगठित करने और सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।