सुप्रीम कोर्ट सख्त: सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर रोक डॉग लवर्स की याचिका खारिज, 

सुप्रीम कोर्ट सख्त: सार्वजनिक स्थानों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने पर रोक डॉग लवर्स की याचिका खारिज, 
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

19 मई 2016 नई दिल्ली :- देशभर में बढ़ते डॉग बाइट और आवारा कुत्तों के हमलों के मामलों के बीच भारत के सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए डॉग लवर्स और विभिन्न एनजीओ की याचिकाएं खारिज कर दी हैं। याचिकाओं में मांग की गई थी कि नसबंदी और टीकाकरण के बाद आवारा कुत्तों को दोबारा उसी सार्वजनिक स्थान पर छोड़ा जाए, लेकिन अदालत ने इस मांग को स्वीकार करने से इनकार कर दिया।

सुप्रीम कोर्ट ने साफ कहा कि आम जनता, बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। अदालत ने माना कि देश में आवारा कुत्तों के काटने और हमले की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं, जिससे लोगों में भय का माहौल है।

कोर्ट के आदेश के मुताबिक स्कूल, अस्पताल, रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड, कॉलेज, खेल परिसर और अन्य संवेदनशील सार्वजनिक स्थानों से आवारा कुत्तों को हटाया जाएगा। साथ ही नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी उन्हें वापस उसी स्थान पर नहीं छोड़ा जाएगा, बल्कि शेल्टर होम या निर्धारित स्थानों पर रखा जाएगा।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों और स्थानीय निकायों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि Animal Birth Control (ABC) नियमों का प्रभावी पालन नहीं होने और पर्याप्त शेल्टर व्यवस्था नहीं होने से समस्या और गंभीर हुई है।

डॉग फीडर्स को लेकर भी अदालत ने सख्त टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर आवारा कुत्तों को खाना खिलाने से लोगों की सुरक्षा प्रभावित होती है। यदि कोई व्यक्ति कुत्तों की जिम्मेदारी लेना चाहता है, तो वह उन्हें अपने घर या निजी स्थान पर रख सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले को पब्लिक हेल्थ, रेबीज नियंत्रण और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस आदेश के बाद नगर निगमों और स्थानीय प्रशासन पर आवारा कुत्तों के प्रबंधन को लेकर दबाव बढ़ेगा।

मुख्य बातें:

डॉग लवर्स और एनजीओ की याचिकाएं खारिज

सार्वजनिक स्थानों से हटेंगे आवारा कुत्ते

नसबंदी के बाद भी वापस नहीं छोड़े जाएंगे

शेल्टर होम में रखने के निर्देश

डॉग फीडर्स पर भी जिम्मेदारी तय