नशे के कारोबार पर बस्तर पुलिस का बड़ा प्रहार! 300 शीशी प्रतिबंधित कफ सिरप के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, ₹6.23 लाख की संपत्ति जब्त

नशे के कारोबार पर बस्तर पुलिस का बड़ा प्रहार! 300 शीशी प्रतिबंधित कफ सिरप के साथ दो आरोपी गिरफ्तार, ₹6.23 लाख की संपत्ति जब्त
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

21 अक्टूबर 2026 जगदलपुर :- जगदलपुर से गीदम जा रही स्विफ्ट कार में मिली 30 लीटर नशीली सिरप; बोधघाट पुलिस की कार्रवाई, NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज

बस्तर जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बस्तर पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। थाना बोधघाट पुलिस ने बिक्री के उद्देश्य से प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप का परिवहन करने के आरोप में दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 300 शीशी नशीली कफ सिरप, एक स्विफ्ट कार और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 6 लाख 23 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। पुलिस के मुताबिक, बरामद 300 शीशियों में प्रत्येक शीशी 100 मिलीलीटर की है। इस प्रकार कुल 30 लीटर सिरप जब्त की गई है, जिसकी कीमत लगभग 63 हजार रुपये आंकी गई है।

मुखबिर की सूचना पर गीदम रोड में घेराबंदी

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 21 अक्टूबर 2026 की सुबह थाना बोधघाट पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार क्रमांक MH 40 KR 2559 में दो व्यक्ति प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप लेकर जगदलपुर से गीदम की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की योजना बनाई।

पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुखनंदन सिंह राठौर के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक सुमित कुमार के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी निरीक्षक टामेश्वर चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।

पुलिस टीम ने गीदम रोड स्थित वन विद्यालय के पास मोबाइल चेक पोस्ट (MCP) लगाकर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए की सिल्वर रंग की स्विफ्ट कार वहां पहुंची। पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोका और उसमें सवार दोनों व्यक्तियों से पूछताछ की।

बोरी और दो कार्टून से बरामद हुईं 300 शीशियां

पुलिस के अनुसार, कार में सवार व्यक्तियों की पहचान वीर कुमार झा और शुभम तिवारी के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके संयुक्त कब्जे में रखी सफेद रंग की बोरी और दो कार्टून से 100-100 मिलीलीटर की कुल 300 शीशी नशीली कफ सिरप बरामद हुई।

बरामद सिरप की कुल मात्रा 30 लीटर और अनुमानित कीमत 63 हजार रुपये बताई गई है। पुलिस ने सिरप के परिवहन और बिक्री के संबंध में आरोपियों से दस्तावेज मांगे। पुलिस के मुताबिक, आरोपी संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद बरामद सिरप को विधिवत जब्त कर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपी

पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के नाम और विवरण इस प्रकार हैं—

1. वीर कुमार झा, पिता वैद्यनाथ, उम्र 45 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 23, मेन रोड, गीदम, जिला दंतेवाड़ा।

2. शुभम तिवारी, पिता स्वर्गीय मिलन तिवारी, उम्र 32 वर्ष, निवासी धरमपुरा नंबर-1, जगदलपुर।

₹6.23 लाख की संपत्ति जब्त

बोधघाट पुलिस ने कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से निम्नलिखित सामग्री जब्त की है—

- प्रतिबंधित नशीली कफ सिरप: 300 शीशी, कुल 30 लीटर, अनुमानित कीमत ₹63,000।

- दो पुराने इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन: अनुमानित कीमत ₹60,000।

- स्विफ्ट कार: क्रमांक MH 40 KR 2559, अनुमानित कीमत ₹5,00,000।

इस प्रकार जब्त संपत्ति का कुल अनुमानित मूल्य ₹6,23,000 (छह लाख तेईस हजार रुपये) बताया गया है।

NDPS एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध, न्यायालय में पेश

पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध धारा 21(C) NDPS एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। दोनों आरोपियों को 21 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक रिमांड के लिए जगदलपुर स्थित माननीय विशेष NDPS न्यायालय में पेश किया गया।

नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ बस्तर पुलिस का अभियान जारी

पुलिस अधीक्षक शलभ कुमार सिन्हा के नेतृत्व में बस्तर पुलिस द्वारा नशे के अवैध कारोबार और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी अभियान के तहत बोधघाट पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कथित तौर पर नशीली कफ सिरप का अवैध परिवहन करने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा।

इन पुलिसकर्मियों की रही महत्वपूर्ण भूमिका

इस कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक टामेश्वर चौहान, उप निरीक्षक लोकेश्वर नाग, प्रशिक्षु उप निरीक्षक अफसाना, सहायक उप निरीक्षक दिनेश उसेंडी, प्रधान आरक्षक अहिलेश नाग एवं श्रीनाथ बघेल तथा आरक्षक युवराज ठाकुर और विजय तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही।