कटेकल्याण से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मंच तक रुद्र प्रताप, मुंबई इंडियंस की रिलायंस टीम में चयन से बस्तर गौरवान्वित
9 अगस्त 2026 जगदलपुर :- बस्तर की धरती ने एक बार फिर खेल जगत में अपनी प्रतिभा का परचम लहराया है। दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण गांव से निकलकर क्रिकेट की दुनिया में अपनी पहचान बनाने वाले युवा तेज गेंदबाज रुद्र प्रताप देहारी का चयन मुंबई इंडियंस की रिलायंस टीम में हुआ है। रुद्र प्रताप के चयन की खबर से बस्तर संभाग में खुशी की लहर है। बस्तरवासियों के लिए यह इसलिए भी गौरव का विषय है क्योंकि अंचल का यह होनहार खिलाड़ी अब राष्ट्रीय स्तर से आगे बढ़कर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के मैदान पर अपनी प्रतिभा दिखाने की तैयारी में है।
रुद्र प्रताप के चयन को बस्तर के क्रिकेट इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर राष्ट्रीय और अब अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने वाले रुद्र ने अपनी मेहनत, अनुशासन और तेज गेंदबाजी के दम पर यह मुकाम हासिल किया है।
चार साल पहले मां के साथ पहुंचे थे क्रिकेट अकादमी
बस्तर इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट, कालीपुर के संचालक प्रदीप गुहा ने बताया कि करीब चार वर्ष पहले रुद्र प्रताप अपनी मां के साथ दंतेवाड़ा जिले के कटेकल्याण गांव से क्रिकेट सीखने के लिए अकादमी पहुंचे थे। उस समय रुद्र काफी पतले-दुबले थे, लेकिन उनकी आंखों में क्रिकेट के प्रति जुनून साफ दिखाई देता था।
प्रदीप गुहा ने बताया कि रुद्र को पहली बार देखकर उन्होंने उसे अकादमी में प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया। इसके बाद रुद्र ने पहली बार ड्यूज बॉल हाथ में ली और टर्फ विकेट पर गेंदबाजी की। पहली ही गेंद में उसकी गति और गेंदबाजी की क्षमता ने सभी का ध्यान आकर्षित किया।
रुद्र की गति देखकर खरीदी 50 हजार की स्पीड मशीन
रुद्र की गेंदबाजी में छिपी प्रतिभा को पहचानते हुए अकादमी संचालक प्रदीप गुहा ने बस्तर में पहली बार करीब 50 हजार रुपये की लागत से गेंद की गति नापने वाली मशीन खरीदी। जब रुद्र ने नेट अभ्यास शुरू किया तो उसकी गेंदबाजी की रफ्तार करीब 120 किलोमीटर प्रति घंटे दर्ज की गई।
इतनी कम उम्र में गेंद की यह गति देखकर प्रदीप गुहा ने रुद्र को विशेष तेज गेंदबाजी प्रशिक्षण देने का फैसला किया। इसके बाद रुद्र ने लगातार कड़ी मेहनत और अनुशासित अभ्यास शुरू किया।
डेढ़ साल की मेहनत में अंडर-19 संभागीय टीम में जगह
करीब डेढ़ वर्ष की कड़ी मेहनत के बाद रुद्र प्रताप ने बस्तर संभाग की अंडर-19 टीम में अपनी जगह बनाई। यहां भी उन्होंने लगातार शानदार प्रदर्शन किया। उनकी तेज गेंदबाजी और विकेट लेने की क्षमता ने चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
इसी दौरान अंडर-19 टीम के स्टेट चयनकर्ता तरुणेश परिहार की नजर रुद्र के प्रदर्शन पर पड़ी। इसके बाद रुद्र के क्रिकेट करियर को नई दिशा मिली और उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
कूच बिहार और वीनू मांकड़ ट्रॉफी में दिखाया दम
रुद्र प्रताप ने छत्तीसगढ़ की अंडर-19 टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए कूच बिहार ट्रॉफी और वीनू मांकड़ ट्रॉफी में लगातार दो वर्षों तक शानदार प्रदर्शन किया। कई महत्वपूर्ण मुकाबलों में उनकी गेंदबाजी ने छत्तीसगढ़ को जीत दिलाने में अहम भूमिका निभाई।
उनके प्रदर्शन के आधार पर रुद्र का चयन नेशनल क्रिकेट अकादमी (NCA) के लिए भी हुआ। इसके बाद उन्होंने अंडर-23 स्तर पर सीके नायडू ट्रॉफी में भी अपना हुनर दिखाया।
छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग में बने सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज
रुद्र प्रताप की सफलता का सिलसिला यहीं नहीं रुका। उन्होंने छत्तीसगढ़ प्रीमियर लीग में भी शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया और प्रतियोगिता के सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज का खिताब अपने नाम किया।
वर्तमान में रुद्र प्रताप छत्तीसगढ़ की रणजी टीम के कैंप में अभ्यास कर रहे हैं। अब उनके क्रिकेट करियर को एक और बड़ी उड़ान मिलने जा रही है।
9 अगस्त को मुंबई, 10 अगस्त को दक्षिण अफ्रीका के लिए रवाना
जानकारी के अनुसार रुद्र प्रताप 9 अगस्त को मुंबई के लिए रवाना होंगे, जहां टीम के साथ आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद 10 अगस्त को रिलायंस टीम के साथ दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर रवाना होंगे।
दक्षिण अफ्रीका की धरती पर अंतरराष्ट्रीय स्तर के क्रिकेट मैदान में खेलने का अवसर रुद्र के साथ-साथ पूरे बस्तर के लिए गर्व का क्षण होगा।
बस्तर जिला क्रिकेट संघ ने दी बधाई
रुद्र प्रताप देहारी के चयन पर बस्तर जिला क्रिकेट संघ के पदाधिकारियों ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि रुद्र ने अपनी प्रतिभा और मेहनत से बस्तर के युवा क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए नई उम्मीद पैदा की है।
रुद्र की उपलब्धि से कटेकल्याण सहित पूरे बस्तर संभाग में उत्साह का माहौल है। ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना इस बात का उदाहरण है कि यदि प्रतिभा को सही मंच, प्रशिक्षण और अवसर मिले तो बस्तर के युवा भी देश-दुनिया में अपनी पहचान बना सकते हैं।
बस्तर इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट को भी जाता है श्रेय
रुद्र प्रताप की इस उपलब्धि में बस्तर इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिकेट, कालीपुर और उसके संचालक प्रदीप गुहा की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्रदीप गुहा लंबे समय से बस्तर के बच्चों को क्रिकेट की बेहतर ट्रेनिंग देने के लिए समर्पित हैं।
अकादमी में अनेक बच्चे रहकर क्रिकेट का प्रशिक्षण ले रहे हैं और अपने शौक को जुनून में बदलने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं। प्रदीप गुहा का सपना है कि बस्तर की प्रतिभाएं राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाएं।
रुद्र प्रताप देहारी की सफलता को इसी सपने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। कटेकल्याण के एक छोटे से गांव से शुरू हुआ रुद्र का सफर अब दक्षिण अफ्रीका के अंतरराष्ट्रीय मैदान तक पहुंचने जा रहा है। उनकी यह उपलब्धि बस्तर के उन तमाम युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं।
बस्तर की मिट्टी के इस होनहार बेटे के अंतरराष्ट्रीय सफर पर अब पूरे अंचल की नजरें टिकी हैं।