जमीन दी, नौकरी का इंतजार खत्म नहीं हुआ: नगरनार स्टील प्लांट के सामने ग्रामीणों का बड़ा प्रदर्शन, 10 सूत्री मांगों पर आंदोलन की चेतावनी
22 सितम्बर 2026 जगदलपुर :- नगरनार स्टील प्लांट के लिए अपनी पुश्तैनी जमीन देने वाले भू-प्रभावित ग्रामीणों का आक्रोश एक बार फिर सामने आया है। मंगलवार को बड़ी संख्या में ग्रामीण, महिलाएं और बच्चे नगरनार स्थित NMDC स्टील प्लांट के मुख्य द्वार के सामने धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों ने रोजगार, सड़क, नाली, जल निकासी और खेतों में पानी जमा होने सहित अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर प्रदर्शन किया।
महिलाओं ने हल्बी भत्री बोली मे बयां किया दर्द
धरने में शामिल महिलाओं ने हल्बी भत्री में अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए कहा कि उन्होंने स्टील प्लांट के लिए अपनी जमीन दी, लेकिन जमीन जाने के बाद भी रोजगार का इंतजार खत्म नहीं हुआ। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि जमीन अधिग्रहण के दौरान रोजगार सहित कई सुविधाओं का भरोसा दिया गया था, लेकिन आज भी कई परिवार अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
पुश्तैनी जमीन गई, रोजगार अब भी लंबित
ग्रामीणों का आरोप है कि जमीन अधिग्रहण के बाद प्रभावित परिवारों की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। उनका कहना है कि वर्षों से वे NMDC प्रबंधन और प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखते आ रहे हैं, लेकिन कई मुद्दे अब भी लंबित हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि जिस जमीन पर आज विशाल स्टील प्लांट खड़ा है, उसी जमीन से उनके परिवारों की पीढ़ियों का जीवन और आजीविका जुड़ी हुई थी। जमीन देने के बाद प्रभावित परिवार रोजगार और मूलभूत सुविधाओं की उम्मीद कर रहे थे।
खेतों में काला पानी जमा होने का आरोप
प्रदर्शनकारियों ने प्लांट क्षेत्र से लगे गांवों में जल निकासी की समस्या भी उठाई। ग्रामीणों का आरोप है कि प्लांट से निकलने वाला गंदा और काला पानी कई स्थानों पर खेतों में जमा हो जाता है, जिससे फसलों को नुकसान पहुंच रहा है।
ग्रामीणों ने सड़क, नाली और जलभराव की समस्या का भी मुद्दा उठाते हुए कहा कि विकास के लिए जमीन देने के बावजूद उन्हें आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।
“आखिर कब तक ज्ञापन देते रहेंगे?”
प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों का कहना है कि वे अपनी मांगों को लेकर लगातार ज्ञापन सौंपते रहे हैं। उनका सवाल है कि आखिर कब तक वे अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाते रहेंगे। अब ग्रामीणों ने मांगों पर केवल आश्वासन के बजाय ठोस कार्रवाई की मांग की है।
10 सूत्री मांगों पर कार्रवाई की मांग
धरना दे रहे ग्रामीणों ने अपनी 10 सूत्री मांगों को लेकर NMDC प्रबंधन और प्रशासन से जल्द पहल करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जमीन अधिग्रहण से जुड़े रोजगार और अन्य अधिकारों के साथ-साथ सड़क, नाली, जल निकासी और प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं का भी स्थायी समाधान किया जाना चाहिए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन बढ़ाने की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि मौजूदा धरना एक दिवसीय प्रदर्शन के रूप में शुरू किया गया है। यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
धरने में बड़ी संख्या में भू-प्रभावित ग्रामीणों के साथ महिलाएं और बच्चे भी मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि अब वे केवल आश्वासन नहीं, बल्कि 10 सूत्री मांगों पर ठोस कार्रवाई चाहते हैं।