पूर्व DSP कल्पना वर्मा केस में सुर्खियां बटोरने वाला होटल कारोबारी दीपक टंडन गिरफ्तार! AI से बनाता था आपत्तिजनक तस्वीरें, फर्जी खबरों के जरिए लोगों को ब्लैकमेल कर अवैध वसूली करने का आरोप
0 8 नवंबर 2026 रायपुर/बिलासपुर :- छत्तीसगढ़ में पूर्व DSP कल्पना वर्मा और होटल कारोबारी दीपक टंडन के बीच हुए विवाद के बाद सुर्खियों में आए दीपक टंडन की मुश्किलें अब और बढ़ गई हैं। जिस कारोबारी ने पूर्व DSP कल्पना वर्मा पर करोड़ों रुपये की ठगी के गंभीर आरोप लगाकर प्रदेशभर में चर्चा बटोरी थी, अब वही कारोबारी खुद ब्लैकमेलिंग और कथित अवैध वसूली के मामले में पुलिस के शिकंजे में आ गया है। बिलासपुर पुलिस ने उसे रायपुर से गिरफ्तार किया है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी दीपक टंडन रायपुर के न्यू राजेंद्र नगर स्थित रजत प्राइम अपार्टमेंट में छिपा हुआ था। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर 6 नवंबर को दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में आरोप है कि वह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर लोगों की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ करता था और उनकी आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार कर भ्रामक खबरें प्रकाशित करता था।
AI तकनीक से तस्वीरों में छेड़छाड़, फिर खबरों के जरिए दबाव बनाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, दीपक टंडन कथित तौर पर 'द हनी बैजर' नाम से न्यूज पोर्टल संचालित करता था। आरोप है कि AI तकनीक के माध्यम से लोगों की तस्वीरों को एडिट कर आपत्तिजनक और भ्रामक सामग्री तैयार की जाती थी। इसके बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ पोर्टल और सोशल मीडिया पर खबरें प्रसारित कर उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का दबाव बनाया जाता था।
शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इस तरह की सामग्री के जरिए लोगों को बदनाम करने की धमकी देकर उनसे पैसों की मांग की जाती थी। पुलिस अब इस पूरे नेटवर्क, डिजिटल सामग्री और कथित वसूली के तरीकों की जांच कर रही है।
29 अक्टूबर को दर्ज हुई थी शिकायत, जांच के बाद रायपुर में मिली लोकेशन
मामले की शुरुआत 29 अक्टूबर को हुई, जब बिलासपुर के तिफरा स्थित महाराणा प्रताप नगर निवासी मणीशंकर पांडेय ने सिरगिट्टी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि उनकी तस्वीरों को AI की मदद से एडिट कर आपत्तिजनक स्वरूप दिया गया और फिर न्यूज पोर्टल तथा सोशल मीडिया के माध्यम से भ्रामक सामग्री प्रसारित की गई।
शिकायतकर्ता ने इसे उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने और दबाव बनाकर ब्लैकमेल करने की कोशिश बताया। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू की। जांच के दौरान दीपक टंडन की कथित भूमिका सामने आने के बाद उसकी तलाश तेज कर दी गई।
पुलिस को आरोपी की लोकेशन रायपुर में मिली, जिसके बाद बिलासपुर पुलिस की टीम ने न्यू राजेंद्र नगर स्थित रजत प्राइम अपार्टमेंट में कार्रवाई कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
कल्पना वर्मा प्रकरण से मिली थी प्रदेशभर में पहचान
दीपक टंडन इससे पहले छत्तीसगढ़ की पूर्व DSP कल्पना वर्मा से जुड़े विवाद के कारण चर्चा में आया था। उसने पूर्व DSP पर प्रेमजाल में फंसाकर करोड़ों रुपये लेने के आरोप लगाए थे। इस प्रकरण ने प्रदेश की राजनीति और पुलिस महकमे में भी काफी सुर्खियां बटोरी थीं।
लेकिन अब परिस्थितियां बदल गई हैं। पूर्व DSP पर आरोप लगाने वाला कारोबारी खुद गंभीर आरोपों से घिर गया है। AI तकनीक के कथित दुरुपयोग, आपत्तिजनक तस्वीरें तैयार करने, भ्रामक खबरें प्रकाशित करने और ब्लैकमेलिंग के आरोपों ने इस मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
डिजिटल पत्रकारिता की आड़ में ब्लैकमेलिंग का सवाल
यह मामला केवल एक कारोबारी की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI तकनीक के दुरुपयोग को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। तकनीक का इस्तेमाल जहां सूचना और जनहित के लिए किया जाना चाहिए, वहीं कथित तौर पर इसी तकनीक से किसी की तस्वीरों के साथ छेड़छाड़ कर उसे बदनाम करने और आर्थिक दबाव बनाने के आरोप सामने आए हैं।
फिलहाल पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है। जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि इस कथित गतिविधि में अन्य लोग शामिल थे या नहीं और कितने लोगों को इस तरह निशाना बनाया गया।
अब सबकी नजर पुलिस की अगली जांच पर है।