दीपा सागर आत्महत्या मामले में बड़ा अपडेट! दीपा का मीला सुसाइड नोट, लिखा- ‘मैं अपने होशो-हवास में जान दे रही हूं, इसके लिए किसी को दोषी न ठहराएं’...

दीपा सागर आत्महत्या मामले में बड़ा अपडेट! दीपा का मीला सुसाइड नोट, लिखा- ‘मैं अपने होशो-हवास में जान दे रही हूं, इसके लिए किसी को दोषी न ठहराएं’...
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

07 नवम्बर 2026 जगदलपुर :- बाफना ज्वेलर्स बाफना हॉउस की इमारत की छत पर मिली 21 वर्षीय दीपा सागर की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। पिछले 6 दिनों से न्याय की मांग को लेकर परिजनों और मोहल्लेवासियों द्वारा लगातार धरना-प्रदर्शन और रैली निकाली जा रही थी। इसी बीच  दीपा का  कथित सुसाइड नोट का पत्र मीला है। सुसाइड नोट की बातें सामने आने के बाद मामले की जांच को लेकर एक नया पहलू जुड़ गया है।

सुसाइड नोट में लिखा- मैं अपने होशो-हवास में जान दे रही हूं

 सुसाइड नोट के जानकारी के अनुसार, दीपा ने अपने हाथों से टूटी-फूटी हिंदी में एक पत्र लिखा था, जिसे उसने अपनी जेब में रखा हुआ था। पुलिस के मुताबिक, डिमरापाल अस्पताल में शव की जांच के दौरान उसकी जेब से यह पत्र मिला था। बाद में इसे फॉरेंसिक जांच की प्रक्रिया से भी जोड़ा गया।

कथित सुसाइड नोट में दीपा ने लिखा है—

"मैं अपने होशो-हवास में जान दे रही हूं। प्लीज इसके लिए दूसरों को ब्लेम न करें। इसके लिए घरवालों या मेरे दोस्तों को परेशान न करें और मेरे मरने के मामले को लंबा न खींचें। यह मेरी रिक्वेस्ट है।"

दीपा द्वारा पत्र में लिखी बातों के सामने आने के बाद मामले में एक महत्वपूर्ण जानकारी सार्वजनिक हुई है। हालांकि, सुसाइड नोट की विषयवस्तु अपने आप में मौत की सभी परिस्थितियों की अंतिम पुष्टि नहीं करती। पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी महत्वपूर्ण रहेंगी।

तीन-चार दिनों से बाफना हाउस के सामने जारी था प्रदर्शन

दीपा को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर परिवार और मोहल्लेवासी लगातार सड़कों पर उतर रहे थे। गोल बाजार स्थित बाफना हॉउस के सामने धरना-प्रदर्शन किया गया। परिजनों और वार्डवासियों ने रैली निकालकर न्याय की मांग की तथा मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान भारी पुलिस बल भी तैनात रहा।

परिजनों ने शुरुआत से ही घटना की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए सभी पहलुओं की जांच की मांग की थी।

मोबाइल फोन की जांच अब भी अहम, पुलिस को सौंपे जाने का इंतजार

इस मामले में दीपा का मोबाइल फोन भी जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, मोबाइल फोन अभी पुलिस को जांच के लिए नहीं सौंपा गया है। मोबाइल की जांच होने पर कॉल रिकॉर्ड, संदेश और अन्य डिजिटल जानकारियों से घटना से पहले की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।

अब जांच के अगले चरण पर टिकी निगाहें

सुसाइड नोट सार्वजनिक होने के बाद मामले में एक नया तथ्य सामने आया है, लेकिन दीपा की मौत से जुड़े सभी सवालों का जवाब मिलना अभी बाकी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन की जांच के आधार पर ही पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ सकेगी।

फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि दीपा की मौत से पहले की परिस्थितियां क्या थीं और जांच के सभी पहलुओं से क्या निष्कर्ष सामने आते हैं? शहरवासियों और परिजनों की निगाहें अब पुलिस की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।