कुलगाम में आतंकियों की कायराना करतूत: छत्तीसगढ़ के दो मजदूरों की गोली मारकर हत्या,पहचान पूछकर बनाया निशाना, TRF ने ली जिम्मेदारी; देशभर में आक्रोश, सुरक्षाबलों का बड़ा सर्च ऑपरेशन जारी
01अगस्त 2026 जगदलपुर/श्रीनगर :- जम्मू-कश्मीर के कुलगाम जिले में आतंकवादियों ने एक बार फिर निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाते हुए छत्तीसगढ़ के दो युवा मजदूरों की गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना 31 जुलाई की देर शाम कुलगाम जिले के केलम (किलाम) क्षेत्र में हुई, जहां ईंट-भट्ठे पर काम कर रहे गैर-स्थानीय मजदूरों पर आतंकियों ने लक्षित हमला (टारगेटेड किलिंग) किया। इस जघन्य घटना से पूरे देश में शोक और आक्रोश का माहौल है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आम नागरिकों के वेश में आए आतंकियों ने पहले मजदूरों को रोका, उनसे नाम और पहचान पूछी तथा गैर-स्थानीय और हिंदू होने की पुष्टि के बाद उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। हमले के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और घायल मजदूरों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया।
सक्ती जिले के दीपक रात्रे ने रास्ते में तोड़ा दम
हमले में 24 वर्षीय दीपक रात्रे, निवासी सक्ती (छत्तीसगढ़), गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उन्होंने दम तोड़ दिया। दीपक की शादी लगभग एक वर्ष पहले हुई थी। बेहतर भविष्य और परिवार की आजीविका के लिए वे कश्मीर में मजदूरी करने गए थे, लेकिन आतंकियों की गोलियों ने उनके सपनों को हमेशा के लिए खत्म कर दिया।
भूपेंद्र कुमार भैना की इलाज के दौरान मौत
हमले में गंभीर रूप से घायल हुए भूपेंद्र कुमार भैना (28 वर्ष) को पहले जीएमसी अनंतनाग और बाद में श्रीनगर के एसकेआईएमएस (SKIMS) अस्पताल रेफर किया गया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने का हरसंभव प्रयास किया, लेकिन 1 अगस्त की सुबह इलाज के दौरान उन्होंने भी दम तोड़ दिया।
TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
इस कायराना हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने ली है, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का प्रॉक्सी संगठन माना जाता है। संगठन ने कथित रूप से भविष्य में भी गैर-स्थानीय लोगों को निशाना बनाने की धमकी दी है, जिससे सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं।
सेना, CRPF और पुलिस का संयुक्त अभियान
घटना के तुरंत बाद भारतीय सेना, सीआरपीएफ और जम्मू-कश्मीर पुलिस ने पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर आतंकियों की तलाश शुरू कर दी। दक्षिण कश्मीर के कई इलाकों में बड़े स्तर पर संयुक्त सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियां आतंकियों के भागने के सभी संभावित रास्तों पर निगरानी रख रही हैं।
उपराज्यपाल ने दिए सख्त कार्रवाई के निर्देश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि निर्दोष नागरिकों की हत्या करने वाले आतंकियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने डीजीपी नलिन प्रभात और अन्य वरिष्ठ सुरक्षा अधिकारियों को आतंकियों के खिलाफ अभियान तेज करने तथा उन्हें शीघ्र समाप्त करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने जताया गहरा शोक
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने दोनों मजदूरों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार शोक संतप्त परिवारों के साथ पूरी मजबूती से खड़ी है तथा हर संभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। मुख्यमंत्री ने इस कायराना आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की।
कांग्रेस सहित विभिन्न राजनीतिक दलों और जनप्रतिनिधियों ने भी घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे मानवता पर हमला बताया है तथा पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदनाएं प्रकट की हैं।
निर्दोष मजदूर बने आतंक का शिकार
रोजगार की तलाश में अपने घरों से हजारों किलोमीटर दूर गए दोनों युवा मजदूरों ने शायद कभी नहीं सोचा होगा कि मेहनत-मजदूरी करते हुए वे आतंकवाद की हिंसा का शिकार बन जाएंगे। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले आतंकियों के खिलाफ और अधिक प्रभावी तथा निर्णायक कार्रवाई की आवश्यकता है।