इंद्रावती उफान पर, जगदलपुर का पुराना पुल डूबा भारी बारिश से बस्तर संभाग में नदी-नाले उफान पर, जनजीवन प्रभावित; प्रशासन अलर्ट मोड पर

इंद्रावती उफान पर, जगदलपुर का पुराना पुल डूबा भारी बारिश से बस्तर संभाग में नदी-नाले उफान पर, जनजीवन प्रभावित; प्रशासन अलर्ट मोड पर
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

11 सितम्बर 2026 जगदलपुर :- बस्तर संभाग में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जगदलपुर में इंद्रावती नदी उफान पर है और नदी का पानी बढ़ने से पुराना पुल पानी में डूब गया है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

बारिश का असर अब बस्तर संभाग के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। इंद्रावती सहित क्षेत्र की अन्य छोटी-बड़ी नदियों और नालों में पानी का बहाव तेज हो गया है। कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने लगी है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है।

नदी-नालों के पास जाने से बचने की अपील

इंद्रावती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी, नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। खासकर नदी किनारे रहने वाले लोगों को किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए सतर्क रहने को कहा गया है। प्रशासन और स्थानीय अमला स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

भारी बारिश के बीच स्कूलों में छुट्टी

लगातार बारिश और संभावित जलभराव को देखते हुए कई क्षेत्रों में स्कूलों में छुट्टी घोषित की गई है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद प्रशासन ने भी एहतियाती कदम उठाए हैं। बस्तर समेत संभाग के चार जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी होने के बाद प्रशासनिक स्तर पर निगरानी बढ़ा दी गई है।

बस्तर संभाग में नदी-नाले उफान पर

लगातार बारिश के कारण बस्तर संभाग के ग्रामीण और निचले इलाकों में नदी-नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। कई जगहों पर पुल-पुलियों के ऊपर से पानी बहने की स्थिति बन सकती है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित होने की आशंका है।

प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बाढ़ या तेज बहाव वाले पानी को पार करने का जोखिम न उठाएं और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन एवं संबंधित अधिकारियों को तत्काल सूचना दें।

फिलहाल इंद्रावती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जगदलपुर सहित बस्तर संभाग में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। आने वाले घंटों में बारिश जारी रहने पर नदी का जलस्तर और बढ़ने की संभावना को देखते हुए निगरानी और बढ़ा दी गई है।