भानुप्रतापपुर में नकली शराब के खेल का पर्दाफाश किराए के मकान से भारी मात्रा में बोतल, ढक्कन, स्टीकर होलोग्राम बरामद; जिला आबकारी अधिकारी और निरीक्षक निलंबित
11 सितम्बर 2026 भानुप्रतापुर कांकेर :- छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर में पुलिस ने “उजियारा अभियान” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली एवं मिलावटी शराब की पैकिंग से जुड़ी सामग्री का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने ग्राम बसंत नगर, नारायणपुर स्थित एक किराए के मकान से हजारों की संख्या में खाली शराब की बोतल-पौवा, ढक्कन, स्टीकर और होलोग्राम बरामद किए हैं। मामले में गंभीर लापरवाही और कथित मिलीभगत सामने आने के बाद राज्य शासन ने जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया है।
किराए के मकान से लाखों की सामग्री बरामद
पुलिस की कार्रवाई में मकान से 4,409 खाली शराब की बोतल-पौवा और 3,380 ढक्कन बरामद किए गए। इसके अलावा अलग-अलग ब्रांडों के 105 पत्ते स्टीकर और होलोग्राम भी मिले हैं। पुलिस को आशंका है कि इस सामग्री का इस्तेमाल शराब की अवैध पैकिंग, मिलावट या नकली शराब तैयार करने में किया जा सकता था।
तलाशी के दौरान जम्मू स्पेशल व्हिस्की के 30 भरे पौवा भी बरामद हुए, जिनमें करीब 5.4 लीटर शराब बताई गई है।
कई नामी ब्रांडों की पैकिंग सामग्री मिली
बरामद सामग्री में मैकडॉवल नंबर-1, रॉयल स्टेज, रॉयल चैलेंज, सिग्नेचर और अन्य ब्रांडों से संबंधित खाली बोतल-पौवा, ढक्कन, स्टीकर और होलोग्राम शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में यह सामग्री कहां से लाई गई और इसके पीछे कौन लोग सक्रिय थे।
आबकारी विभाग पर भी गिरी गाज
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य शासन ने कार्रवाई करते हुए जिला आबकारी अधिकारी और आबकारी निरीक्षक को निलंबित कर दिया है। वहीं प्लेसमेंट एजेंसी से जुड़े दोषी कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। संबंधित सेल्समैन के खिलाफ एफआईआर की कार्रवाई भी की जा रही है।
इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं। विभागीय स्तर पर यह जांच का विषय बन गया है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब की पैकिंग से जुड़ी सामग्री आखिर किराए के मकान तक कैसे पहुंची और संबंधित अधिकारियों को इसकी भनक क्यों नहीं लगी।
परिवहन से मिले इनपुट पर पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार शराब परिवहन से जुड़े आरोपियों से पूछताछ के दौरान मिले इनपुट के आधार पर किराए के मकान में दबिश दी गई थी। कार्रवाई के बाद अब पुलिस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बरामद सामग्री का इस्तेमाल कहां किया जाना था, इसमें किन लोगों की भूमिका थी और शराब कारोबार से जुड़े अन्य कौन-कौन लोग इस नेटवर्क से जुड़े हैं।
जांच में सामने आ सकते हैं और नाम
फिलहाल मामले में पुलिस और आबकारी विभाग की जांच जारी है। बड़ी मात्रा में खाली बोतल, ढक्कन, स्टीकर और होलोग्राम की बरामदगी ने पूरे मामले को गंभीर बना दिया है। जांच आगे बढ़ने पर नकली या मिलावटी शराब के संभावित नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका सामने आने की उम्मीद है।