कोण्डागांव की युवती,जबलपुर से सकुशल मिली लेकिन सोशल मीडिया के वीडियो ने उलझाई कहानी! अपहरण की आशंका से शुरू हुआ मामला अब कई सवालों के घेरे में

कोण्डागांव की युवती,जबलपुर से सकुशल मिली लेकिन सोशल मीडिया के वीडियो ने उलझाई कहानी! अपहरण की आशंका से शुरू हुआ मामला अब कई सवालों के घेरे में
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

31अक्टूबर 2026 छत्तीसगढ़ कोण्डागांव :- छत्तीसगढ़ के कोण्डागांव में युवती के लापता होने को लेकर पिछले कुछ दिनों से बना तनाव अब एक नए मोड़ पर पहुंच गया है। अपहरण की आशंका, संगठनों का थाना घेराव, रैली और युवक की गिरफ्तारी की मांग के बीच कोण्डागांव पुलिस ने लापता युवती को मध्यप्रदेश के जबलपुर से सकुशल दस्तयाब कर लिया है। पुलिस ने आवश्यक पूछताछ और वैधानिक कार्रवाई के बाद युवती को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।

लेकिन युवती के सकुशल मिलने के बाद भी यह मामला पूरी तरह शांत होता नजर नहीं आ रहा है। इसकी वजह युवती द्वारा सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए तीन वीडियो हैं, जिनमें वह अपनी मर्जी से घर छोड़कर जाने की बात कहती दिखाई दे रही है। वीडियो में युवती ने कथित तौर पर यह भी कहा कि वह और उसके साथ मौजूद व्यक्ति दोनों कोण्डागांव में नहीं रहना चाहते और अपनी इच्छा से वहां से निकले हैं।

अपहरण की आशंका से शुरू हुई थी कहानी

पुलिस के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 को युवती के परिजन की ओर से थाना कोण्डागांव में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बताया गया था कि युवती दोपहर करीब दो बजे घर से बिना बताए चली गई और अपना मोबाइल फोन भी घर पर छोड़ गई। काफी तलाश के बाद भी उसका पता नहीं चलने पर परिजनों ने किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा अपहरण किए जाने की आशंका जताई थी।

इस शिकायत पर पुलिस ने अपराध क्रमांक 342/2026, धारा 140(3) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।

पुलिस ने सोशल मीडिया पर जारी की बरामदगी की तस्वीर और प्रेस विज्ञप्ति

कोण्डागांव पुलिस ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रेस विज्ञप्ति जारी कर जबलपुर (मध्यप्रदेश) से लापता युवती की सकुशल बरामदगी की जानकारी सार्वजनिक की है। पुलिस ने युवती की बरामदगी से संबंधित तस्वीर भी साझा की है। 31 अक्टूबर को जारी इस सूचना के बाद मामले में नया मोड़ आ गया है। अब पुलिस की कार्रवाई के साथ-साथ युवती के सोशल मीडिया वीडियो और उसके बयानों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

साइबर टीम की मदद से जबलपुर तक पहुंची पुलिस

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा के निर्देश पर थाना कोण्डागांव और साइबर सेल की संयुक्त टीम गठित की गई। तकनीकी साक्ष्यों और लगातार पतासाजी के आधार पर युवती की लोकेशन जबलपुर, मध्यप्रदेश में मिली। इसके बाद विशेष पुलिस टीम रवाना की गई और 31 अक्टूबर को युवती को सकुशल दस्तयाब कर कोण्डागांव लाया गया।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में युवती ने पारिवारिक नाराजगी के कारण घर छोड़ने की बात कही और किसी अपराध का शिकार होने से इनकार किया। इसके बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

सोशल मीडिया के वीडियो ने खड़े किए कई सवाल

इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण पहलू युवती के सोशल मीडिया पर सामने आए तीन वीडियो हैं। इन वीडियो में युवती अपनी मर्जी से जाने की बात कहती नजर आती है। साथ ही, उसके बयानों में 'हम दोनों' का उल्लेख भी चर्चा का विषय बना हुआ है।

दूसरी ओर, युवती के लापता होने के बाद कुछ सामाजिक संगठनों ने थाना घेराव और रैली निकालकर युवक की गिरफ्तारी की मांग की थी। मामले को लेकर अपहरण और कथित लव जिहाद जैसे आरोपों की चर्चा भी हुई। हालांकि, युवती की बरामदगी और उसके सामने आए वीडियो के बाद मामले को लेकर कई नए सवाल खड़े हो गए हैं।

अब सबसे बड़ा सवाल: अपहरण या अपनी मर्जी से घर छोड़ना?

क्या युवती वास्तव में किसी के बहकावे या दबाव में घर से गई थी, या उसने अपनी इच्छा से यह कदम उठाया? सोशल मीडिया वीडियो में कही गई बातों और पुलिस पूछताछ में सामने आए तथ्यों के बीच क्या पूरी तरह समानता है? युवती के साथ मौजूद बताए जा रहे युवक की भूमिका क्या थी? इन सभी पहलुओं पर स्पष्टता आना अभी बाकी है।

फिलहाल केवल सोशल मीडिया वीडियो या किसी संगठन के आरोपों के आधार पर इस मामले को अपहरण अथवा लव जिहाद का नाम देना उचित नहीं होगा। युवती का स्वतंत्र बयान, उसकी उम्र से संबंधित दस्तावेज और पुलिस की विस्तृत जांच ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट कर सकती है।

एक बात जरूर है—जिस मामले ने कोण्डागांव में सामाजिक तनाव और बहस का माहौल बना दिया था, उसमें युवती की सकुशल बरामदगी के बाद कहानी का रुख बदलता दिखाई दे रहा है। अब सबकी नजर पुलिस की आगे की जांच और युवती के आधिकारिक बयान पर टिकी है।