दीपोत्सव के स्थल चयन को लेकर जगदलपुर में गरमाया माहौल,उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा और कांग्रेसियों में तीखी बहस
17 सितम्बर 2026 जगदलपुर :- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर आयोजित किए जा रहे ‘आशीर्वाद का दीया’ दीपोत्सव को लेकर गुरुवार को जगदलपुर के मिताली चौक क्षेत्र में माहौल गरमा गया। दीपोत्सव के लिए स्थल चयन और यातायात व्यवस्था को लेकर उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा तथा कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं के बीच जमकर बहस हुई।
बताया जा रहा है कि दीपोत्सव की तैयारियों के तहत मिताली चौक और आसपास के क्षेत्र में ठेले-खोमचे तथा फूल व्यापारियों को हटाने की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। विरोध के दौरान मौके पर नारेबाजी भी हुई। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से आमना-सामना हो गया।
मौके पर विजय शर्मा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को समझाते हुए अपनी बात रखते नजर आए। दोनों पक्षों के बीच काफी देर तक तीखी बहस चलती रही, जिसके चलते मिताली चौक क्षेत्र में गहमागहमी का माहौल बना रहा।
‘कार्यक्रम का विरोध नहीं, स्थल चयन पर आपत्ति’
विरोध कर रहे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन या दीपोत्सव कार्यक्रम का विरोध नहीं कर रहे हैं। उनकी आपत्ति कार्यक्रम के लिए चुनी गई जगह को लेकर है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि मिताली चौक शहर का महत्वपूर्ण और व्यस्त क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में नागरिकों का आवागमन होता है। इसके अलावा मां दंतेश्वरी मंदिर में दर्शन के लिए आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कांग्रेसियों का आरोप है कि पिछले दो दिनों से मंदिर क्षेत्र के आसपास रास्ता बंद होने के कारण आम नागरिकों और श्रद्धालुओं को आवागमन में काफी दिक्कत हो रही है। उनका कहना था कि धार्मिक स्थल के आसपास आयोजन के लिए ऐसी जगह का चयन किया जाना चाहिए, जिससे आम लोगों की आवाजाही प्रभावित न हो।
ठेले और फूल व्यापारियों ने भी जताई नाराजगी
दीपोत्सव की तैयारियों के दौरान क्षेत्र में मौजूद ठेले-खोमचे और फूल व्यापारियों को हटाए जाने को लेकर भी नाराजगी सामने आई। व्यापारियों का कहना है कि वे रोजी-रोटी के लिए इसी स्थान पर व्यवसाय करते हैं और अचानक व्यवस्था बदलने से उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
फूल व्यापारियों का कहना है कि मां दंतेश्वरी मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं से उनका कारोबार जुड़ा हुआ है। ऐसे में मंदिर के आसपास स्थान और आवागमन की व्यवस्था में बदलाव से उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो सकती है।
प्रशासन ने की थी यातायात व्यवस्था
गौरतलब है कि 17 सितंबर को मां दंतेश्वरी मंदिर के सामने आयोजित होने वाले दीपोत्सव को देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था में बदलाव की घोषणा की थी। रिपोर्टों के अनुसार कार्यक्रम के दौरान शाम 4 बजे से रात 11 बजे तक कुछ निर्धारित मार्गों पर वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित किया गया था।
जगदलपुर में ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम के तहत मां दंतेश्वरी मंदिर परिसर और सिरहासार चौक में सवा लाख दीप प्रज्वलित करने की तैयारी की गई थी। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री विजय शर्मा के शामिल होने की भी जानकारी सामने आई थी।
स्थल चयन को लेकर बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी
दीपोत्सव से ठीक पहले स्थल और यातायात व्यवस्था को लेकर सामने आया विरोध अब राजनीतिक बहस का रूप लेता दिखाई दिया। एक ओर आयोजन को भव्य बनाने की तैयारियां चल रही थीं, वहीं दूसरी ओर स्थानीय कांग्रेस नेताओं, व्यापारियों और नागरिकों की ओर से सार्वजनिक आवागमन तथा व्यापार प्रभावित होने को लेकर सवाल उठाए गए।
मिताली चौक में विजय शर्मा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने के बाद काफी देर तक माहौल गरमाया रहा। हालांकि, मौके पर दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी बात रखी। पूरे घटनाक्रम के बीच मुख्य मुद्दा दीपोत्सव का विरोध नहीं, बल्कि आयोजन स्थल, यातायात व्यवस्था और स्थानीय व्यापारियों की सुविधा को लेकर सामने आया।