बस्तर पुलिस विभाग में वेतन घोटाला: तीन करोड़ से ज्यादा की हेराफेरी का खुलासा, तीन पुलिस कर्मी गिरफ्तार, जांच का दायरा बढ़ा बैंक कर्मियों सहिंत अन्य शामिल
30 जून 2026 जगदलपुर :- बस्तर जिला पुलिस कार्यालय की वेतन शाखा में करीब डेढ़ करोड़ रुपये के कथित वित्तीय घोटाले का खुलासा होने के बाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरीश राय, राज कुमार कतलाम और हेमन्त मैथ्यू के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में लगभग 3 करोड़ रुपये से अधिक की हेराफेरी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि यह खेल पिछले 8 से 9 महीनों से चल रहा था और अब मामले की गहन जांच की जारी है।
जांच में सामने आया है कि वेतन भुगतान के दौरान ऑनलाइन ट्रांसफर प्रक्रिया का दुरुपयोग करते हुए आरोपित कर्मचारियों द्वारा निर्धारित वेतन राशि से कई गुना अधिक रकम अपने तथा कुछ अन्य खातों में स्थानांतरित की जा रही थी। इस गड़बड़ी का खुलासा विशेष ऑडिट और भुगतान अभिलेखों की जांच के दौरान हुआ, जिसमें वास्तविक भुगतान और दर्ज राशि के बीच बड़ा अंतर पाया गया।
प्रारंभिक जांच के अनुसार वेतन शाखा के कर्मचारी गिरीश राय, राज कुमार कतलम और हेमन्त मैथ्यू की संलिप्तता सामने आई है। तीनों को गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। वहीं पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच कर रही है। सूत्रों की माने तों इस बड़े घोटाला मे कुछ बैंक कर्मियों सहिंत विभाग से बाहरी व्यक्तियों के नाम भी इस घोटाले मे जुड़ सकते है विभाग द्वारा पता लगाया जा रहा है कि अतिरिक्त राशि किन-किन बैंक खातों में भेजी गई और इस पूरे मामले में अन्य लोगों की क्या भूमिका रही।
बस्तर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि वेतन भुगतान प्रक्रिया में अनियमितता और अधिक राशि के आहरण की पुष्टि हुई है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है और उनसे लगातार पूछताछ की जा रही है।
पुलिस ने बताया कि तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से वेतन भुगतान से जुड़े सॉफ्टवेयर, बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल ट्रांजेक्शन की फोरेंसिक जांच भी कराई जा रही है। जांच के दौरान यदि अन्य कर्मचारियों या बाहरी व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जारी है और दोषियों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। वहीं इस घटना के सामने आने के बाद विभागीय वित्तीय निगरानी और वेतन भुगतान व्यवस्था पर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं।