बाढ़ में उजड़े आशियानों के बीच मदद का हाथ: आमचो बस्तरिया कुटुंब ने अडावाल में बांटा राशन, कपड़े और कंबल
05 अक्टूबर 2026 जगदलपुर/बस्तर :- इस वर्ष 2026 में आई भीषण बाढ़ ने बस्तर के नदी किनारे और निचली बस्तियों में भारी तबाही मचाई। लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर के कारण कई इलाकों में घर पानी में डूब गए और बड़ी संख्या में कच्चे मकान ढह गए। करीब 800 घरों के क्षतिग्रस्त होने से प्रभावित परिवार राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं। कई परिवारों के सामने भोजन, कपड़े और रोजमर्रा की जरूरी सामग्री की समस्या खड़ी हो गई है।

ऐसे कठिन समय में बस्तर के सामाजिक संगठन और स्थानीय लोग लगातार राहत कार्यों में जुटे हुए हैं। इसी क्रम में नारायण पाल के अडावाल गांव में आमचो बस्तरिया कुटुंब, फ्रेजरपुर के सदस्यों ने राहत शिविर में पहुंचकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद की।
संगठन की ओर से जरूरतमंद परिवारों को राशन सामग्री, कपड़े, कंबल, साबुन सहित दैनिक उपयोग की आवश्यक वस्तुओं का वितरण किया गया। राहत सामग्री मिलने से शिविर में रह रहे प्रभावित परिवारों के चेहरों पर राहत और उम्मीद दिखाई दी।

सदस्यों ने कहा कि प्राकृतिक आपदा के इस कठिन दौर में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ा होना हम सभी की सामाजिक जिम्मेदारी है। बाढ़ ने जिन परिवारों से उनका आशियाना छीन लिया है, उन्हें तत्काल राहत के साथ-साथ आगे भी सहयोग की जरूरत है। संगठन ने समाज के सक्षम लोगों से भी आगे आकर बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद करने की अपील की।
राहत कार्य में ये सदस्य रहे उपस्थित
अनिल सेंट जॉन, श्रीमती नूरानी नाथ, अल्फ्रेड जोएल, अल्बर्ट सोमा, मनीष लिंगम, हुबर्ट सोमा, नेसी सेंट जॉन, कुसुम सोमा, अंश सोमा, जस्टिन सेंट जॉन, फ्रांसिस सेंट जॉन, प्रदीप, अंक सोमा, बिट्टू जेम्स और क्रिस्टीन सेंट जॉन सहित संगठन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
बस्तर की इस त्रासदी के बीच सामाजिक संगठनों की ऐसी पहल प्रभावित परिवारों के लिए सिर्फ राहत सामग्री नहीं, बल्कि यह भरोसा भी है कि मुश्किल की घड़ी में समाज उनके साथ खड़ा है।