22 राज्यों में बदलेगा मौसम का मिजाज आंधी तूफान और बारिश का अलर्ट दिल्ली NCR से छत्तीसगढ़ तक गरज चमक की चेतावनी
07 अक्टूबर 2026 नई दिल्ली/रायपुर :- अक्टूबर की शुरुआत के साथ देश के कई हिस्सों में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के कई राज्यों में **गरज-चमक, बिजली गिरने, तेज हवाओं और बारिश** की संभावना जताई है। दिल्ली-NCR, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कई क्षेत्रों में अगले कुछ दिनों तक मौसम सक्रिय रहने का अनुमान है।
हालांकि, 75 किमी प्रति घंटे की हवाओं का दावा सभी प्रभावित राज्यों के लिए समान रूप से लागू नहीं है। उपलब्ध ताजा IMD चेतावनियों में अलग-अलग क्षेत्रों के लिए हवा की गति अलग बताई गई है, इसलिए स्थानीय चेतावनी को प्राथमिकता देना जरूरी है।
दिल्ली-NCR में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार
दिल्ली-NCR में पिछले दिनों अपेक्षाकृत शुष्क मौसम के बाद बदलाव देखने को मिल सकता है। IMD ने 6 से 9 अक्टूबर तक दिल्ली, हरियाणा और पंजाब के लिए गरज-चमक तथा आकाशीय बिजली से जुड़ी चेतावनी जारी की है।
दिल्ली में भी मंगलवार और बुधवार को मौसम में बदलाव तथा गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई गई है। लोगों को आंधी के दौरान खुले स्थानों और कमजोर संरचनाओं से दूर रहने की सलाह दी गई है।
उत्तर प्रदेश में भी सक्रिय रहेगा मौसम
उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों के लिए IMD ने 6 से 8 अक्टूबर तक गरज-चमक और बिजली गिरने से जुड़ी चेतावनी जारी की है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में यह गतिविधि 9 अक्टूबर तक भी जारी रहने की संभावना है।
बारिश के साथ अचानक तेज हवा चलने की स्थिति में पेड़, बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे प्रभावित हो सकते हैं। ऐसे में मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचना बेहतर होगा।
पहाड़ी राज्यों में भी मौसम खराब
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भी गरज-चमक, बिजली और तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में मौसम की गतिविधियां विशेष रूप से सक्रिय रहने का अनुमान है। IMD के सैटेलाइट अवलोकन में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र में तीव्र संवहनीय गतिविधियां दर्ज की गई हैं।
बिहार, झारखंड, बंगाल और ओडिशा में भी बारिश
पूर्वी भारत के कई हिस्सों में भी मौसम सक्रिय बना हुआ है। बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल** में अलग-अलग स्थानों पर बारिश, गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। पश्चिम बंगाल और सिक्किम में आने वाले दिनों में बारिश और आंधी-तूफान की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी भारत के कुछ हिस्सों में स्थानीय स्तर पर तेज बारिश और आकाशीय बिजली का खतरा बना रह सकता है।
दक्षिण भारत में भारी बारिश की संभावना
उत्तर भारत में जहां आंधी-तूफान की गतिविधियां चिंता बढ़ा रही हैं, वहीं दक्षिण भारत के कुछ राज्यों में भारी बारिश पर नजर है। ताजा पूर्वानुमान के अनुसार तमिलनाडु, केरल और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक के कुछ हिस्सों में भारी बारिश की संभावना है।
अगले कुछ दिनों में दक्षिण भारत में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं।
छत्तीसगढ़ में भी गरज-चमक का अलर्ट
छत्तीसगढ़ के लिए भी मौसम विभाग ने 6, 7 और 8 अक्टूबर को गरज-चमक और बिजली गिरने से जुड़ी चेतावनी जारी की है। हालांकि, प्रदेश के लिए फिलहाल किसी बड़े चक्रवाती तूफान जैसी व्यापक चेतावनी नहीं दिखाई गई है।
IMD के ताजा आकलन के अनुसार छत्तीसगढ़ में कुछ हिस्सों में छिटपुट बारिश, गरज-चमक और बिजली** की गतिविधियां हो सकती हैं। इसके बाद मौसम गतिविधि में कमी आने की संभावना है।
बस्तर समेत प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में स्थानीय स्तर पर बादल बनने और बौछारें पड़ने की संभावना को देखते हुए लोगों को मौसम पर नजर बनाए रखने की जरूरत है।
क्यों बदल रहा है मौसम?
अक्टूबर में दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी के बीच वातावरण में मौजूद नमी और विभिन्न मौसमी प्रणालियों के कारण कई क्षेत्रों में **पोस्ट-मानसून गतिविधियां** सक्रिय हो रही हैं। IMD के अनुसार मानसून की वापसी अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है और इसकी वापसी रेखा छत्तीसगढ़ सहित मध्य भारत के कुछ हिस्सों से होकर गुजर रही है। citeturn1search0
यही वजह है कि एक ओर कुछ क्षेत्रों में मौसम शुष्क हो रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय स्तर पर गरज-चमक और तेज बारिश के दौर बन रहे हैं
लोगों के लिए जरूरी सावधानी
- आंधी के दौरान खुले मैदान में जाने से बचें।
- बिजली चमकने पर पेड़ या बिजली के खंभे के नीचे खड़े न हों।
- तेज हवाओं के दौरान कमजोर मकानों, होर्डिंग और अस्थायी ढांचों से दूरी रखें।
- किसानों को स्थानीय मौसम चेतावनी के अनुसार कृषि गतिविधियां करने की सलाह है।
- यात्रा से पहले स्थानीय मौसम और सड़क की स्थिति की जानकारी जरूर लें।
की चेतावनी जिले और समय के अनुसार तेजी से बदल सकती है। इसलिए IMD की ताजा स्थानीय चेतावनी को ही अंतिम आधार माना जाना चाहिए।