बड़ेडोंगर में धूमधाम से मनाया गया ठाकुर जोहारनी पर्व, पारंपरिक नृत्य और वाद्ययंत्रों से गूंजा उत्सव हल्बा-हल्बी समाज के सैकड़ों सगाजनों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा, 

बड़ेडोंगर में धूमधाम से मनाया गया ठाकुर जोहारनी पर्व, पारंपरिक नृत्य और वाद्ययंत्रों से गूंजा उत्सव हल्बा-हल्बी समाज के सैकड़ों सगाजनों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा, 
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

09 अक्टूबर 2026 फरसगांव/बड़ेडोंगर :- तहसील फरसगांव के अंतर्गत बड़ेडोंगर में अखिल भारतीय हल्बा-हल्बी समाज के सगाजनों द्वारा ठाकुर जोहारनी पर्व हर्षोल्लास और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर समाज के महिला, पुरुष और युवाओं ने बड़ी संख्या में शामिल होकर पर्व की खुशियां साझा कीं।

पर्व के दौरान समाजजनों ने अपनी पारंपरिक संस्कृति और रीति-रिवाजों का निर्वहन करते हुए एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुन पर समाज के सगाजनों ने लोकनृत्य प्रस्तुत किया, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय हो गया। पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्य के माध्यम से हल्बा-हल्बी समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की मनमोहक झलक देखने को मिली।

पारंपरिक संस्कृति के संरक्षण पर दिया जोर

कार्यक्रम में 32 गढ़ महासभा के अध्यक्ष बीरेंद्र चनाप, दुलम सिंह नाग, मदन सिंह कोलियारा, बी.डी. नाग, नंद कुमार प्रधान और रामसिंह प्रधान सहित समाज के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। वहीं, युवा प्रभाग से केशरचंद पुजारी, महेंद्र प्रधान, श्रवण कुदराम, टिकन नाईक, नकुल नाईक, धनेश्वर प्रधान और मनोज राना सहित बड़ी संख्या में युवाओं ने अपनी सहभागिता निभाई। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में महिला, पुरुष और युवा शामिल हुए।

सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश

समाजजनों ने कहा कि ठाकुर जोहारनी जैसे पारंपरिक पर्व हमारी सांस्कृतिक पहचान को सहेजने, सामाजिक एकता को मजबूत करने और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से आपसी भाईचारे, सद्भाव और एकजुटता को बढ़ावा मिलता है।

पूरे कार्यक्रम के दौरान समाजजनों में खासा उत्साह और उमंग देखने को मिला। सभी ने मिलकर पारंपरिक रीति-रिवाजों का पालन करते हुए पर्व को यादगार बनाया। आयोजन ने हल्बा-हल्बी समाज की सांस्कृतिक परंपराओं के प्रति लोगों की आस्था और उनके संरक्षण के संकल्प को भी प्रदर्शित किया।