2024 तक पूरा होना था खड़ाकघाट पुल, अब तक अधूरा; डिप्टी सीएम अरुण साव ने ठेकेदार को लगाई फटकार
07 जून 2026 जगदलपुर :- छत्तीसगढ़ में लंबे समय से निर्माणाधीन खड़ाकघाट पुल का कार्य निर्धारित समय सीमा के बावजूद पूरा नहीं हो सका है। वर्ष 2024 तक पूर्ण होने वाले इस महत्वपूर्ण पुल की धीमी प्रगति को लेकर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं लोक निर्माण मंत्री अरुण साव ने नाराजगी जताई है। शनिवार को अचानक निरीक्षण के दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की गति और गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए संबंधित ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
जानकारी के अनुसार उपमुख्यमंत्री अरुण साव अपने दौरे के दौरान अचानक खड़ाकघाट पुल निर्माण स्थल पर पहुंच गए। मौके पर पहुंचकर उन्होंने कार्य की प्रगति का जायजा लिया और पाया कि तय समयसीमा बीत जाने के बाद भी पुल का निर्माण अधूरा है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
निरीक्षण के दौरान डिप्टी सीएम ने ठेकेदार और विभागीय एसडीओ से कार्य में हो रही देरी के कारण पूछे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि केवल नोटिस जारी करने से काम नहीं चलेगा और निर्माण एजेंसियों को जवाबदेही के साथ कार्य पूरा करना होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पुल निर्माण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और जल्द से जल्द कार्य पूर्ण कराया जाए।
खड़ाकघाट पुल क्षेत्र के ग्रामीणों के लिए एक महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। पुल के पूरा होने से आसपास के गांवों को बेहतर सड़क संपर्क मिलेगा तथा बारिश के मौसम में आवागमन की समस्या काफी हद तक दूर होगी। लेकिन वर्षों की देरी ने स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ा दी है।
उपमुख्यमंत्री ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि जल्दबाजी में घटिया निर्माण स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित मॉनिटरिंग करने और तय समय सीमा के भीतर कार्य पूरा कराने के निर्देश दिए।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि समय पर पुल का निर्माण पूरा हो जाता तो क्षेत्र के हजारों लोगों को इसका लाभ मिल चुका होता। अब लोगों को उम्मीद है कि डिप्टी सीएम की सख्ती के बाद निर्माण कार्य में तेजी आएगी और वर्षों से लंबित यह परियोजना जल्द पूरी होगी।