बस्तर में फोस्टर केयर योजना को मिली नई मजबूती, दो बच्चों को मिला स्नेहपूर्ण पारिवारिक आश्रय

बस्तर में फोस्टर केयर योजना को मिली नई मजबूती, दो बच्चों को मिला स्नेहपूर्ण पारिवारिक आश्रय
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

09 जुलाई 2026 जगदलपुर :- बस्तर जिले में बाल संरक्षण एवं बच्चों के समग्र विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बाल कल्याण समिति (न्यायपीठ) ने फोस्टर केयर योजना के तहत दो बच्चों को विधिवत पात्र फोस्टर परिवारों की देखरेख में सौंपा। सभी कानूनी प्रक्रियाओं एवं आवश्यक औपचारिकताओं को पूर्ण करने के बाद यह व्यवस्था लागू की गई, जिससे बच्चों को सुरक्षित, पारिवारिक और स्नेहपूर्ण वातावरण में बेहतर भविष्य मिल सके।

फोस्टर केयर योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को परिवार का संरक्षण उपलब्ध कराना है, जिन्हें किसी कारणवश अपने जैविक परिवार के साथ रहने का अवसर नहीं मिल पा रहा है और जिन्हें विशेष देखभाल, सुरक्षा तथा भावनात्मक सहयोग की आवश्यकता होती है। संस्थागत देखभाल की अपेक्षा पारिवारिक वातावरण में बच्चों का मानसिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक विकास अधिक प्रभावी माना जाता है।

इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्राही ने फोस्टर परिवारों से चर्चा करते हुए बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा और सर्वांगीण विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की। उन्होंने कहा कि बाल कल्याण समिति प्रत्येक बच्चे के सर्वोत्तम हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है तथा फोस्टर परिवारों को समय-समय पर आवश्यक मार्गदर्शन, परामर्श और सहयोग उपलब्ध कराया जाता रहेगा।

उन्होंने यह भी कहा कि समाज के संवेदनशील एवं जिम्मेदार परिवारों द्वारा जरूरतमंद बच्चों का पालन-पोषण करने की जिम्मेदारी स्वीकार करना सामाजिक सहभागिता और मानवीय संवेदनाओं का उत्कृष्ट उदाहरण है। ऐसे प्रयासों से बच्चों को सुरक्षित भविष्य मिलने के साथ-साथ समाज में बाल अधिकारों के संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी का सकारात्मक संदेश भी प्रसारित होता है।

पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती धनेश्वरी वर्मा, श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव, संतोष जोशी एवं रामकृष्ण ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं जिला बाल संरक्षण इकाई, बस्तर के गैर-संस्थागत देखरेख अधिकारी गुलशन भारिया ने समन्वय एवं दस्तावेजी कार्यवाही का संचालन किया। सीईएसी-यूनिसेफ के जिला अधिकारी रमेश कुमार दास ने फोस्टर केयर प्रक्रिया, क्षमता निर्माण तथा तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराते हुए इस पहल को सफल बनाने में सहयोग दिया।

जिला प्रशासन एवं महिला एवं बाल विकास विभाग का मानना है कि इस प्रकार की पहल से जिले में फोस्टर केयर व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ होगी। इससे जरूरतमंद बच्चों को संस्थागत देखभाल के बजाय परिवार जैसा सुरक्षित माहौल मिलेगा, जिससे उनका शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास बेहतर ढंग से हो सकेगा। साथ ही समाज में बाल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और अधिक परिवार इस मानवीय पहल से जुड़ने के लिए प्रेरित होंगे।