राजिम में एबीवीपी का प्रांत अभ्यास वर्ग प्रारंभ, विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण के लिए किया जाएगा प्रशिक्षित, निलेश सोलंकी

राजिम में एबीवीपी का प्रांत अभ्यास वर्ग प्रारंभ, विद्यार्थियों को राष्ट्र निर्माण के लिए किया जाएगा प्रशिक्षित, निलेश सोलंकी
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

12 जून 2026 राजिम :- भगवान राजीव लोचन एवं भगवान कुलेश्वरनाथ की पावन नगरी राजिम में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) छत्तीसगढ़ प्रांत का चार दिवसीय प्रांत अभ्यास वर्ग शुक्रवार से प्रारंभ हो गया। यह अभ्यास वर्ग 12 जून से 15 जून 2026 तक आयोजित किया जा रहा है, जिसमें प्रदेशभर से आए विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति, वैचारिक विषयों तथा नेतृत्व विकास का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। उद्घाटन सत्र में एबीवीपी के प्रांत अध्यक्ष डॉ. विकास पाण्डेय, प्रांत मंत्री अनंत सोनी, अखिल भारतीय जनजाति कार्य प्रमुख निलेश सोलंकी तथा निवर्तमान प्रांत संगठन मंत्री महेश साकेत ने दीप प्रज्वलित कर वर्ग का शुभारंभ किया।

अभ्यास वर्ग के दौरान कार्यकर्ताओं को विद्यार्थी परिषद की कार्यपद्धति, संगठन की सैद्धांतिक भूमिका, सदस्यता अभियान, छात्र आंदोलनों की कार्यप्रणाली, प्रभावी भाषण कला, कार्यक्रम नियोजन तथा “स्क्रीन टाइम टू एक्टिविटी टाइम” जैसे समसामयिक विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके माध्यम से विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, सामाजिक उत्तरदायित्व और संगठनात्मक कौशल विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।

जीरो फूड वेस्ट और नो मोबाइल यूज जैसे नवाचार

इस वर्ष आयोजित अभ्यास वर्ग की विशेषता यह है कि इसमें कई नवाचारों को शामिल किया गया है। आयोजकों के अनुसार वर्ग में “जीरो फूड वेस्ट” और “नो मोबाइल यूज” जैसे संकल्पों को लागू किया जा रहा है, ताकि कार्यकर्ताओं में अनुशासन, आत्मसंयम और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित हो सके। साथ ही संगठन और समाज के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया जाएगा।

व्यक्तित्व निर्माण से राष्ट्र निर्माण का लक्ष्य

प्रांत अध्यक्ष डॉ. विकास पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि प्रत्येक वर्ष नए शैक्षणिक सत्र के प्रारंभ से पहले विद्यार्थी परिषद अपने कार्यकर्ताओं के लिए अभ्यास वर्ग आयोजित करती है। इसका उद्देश्य समाज की मूल भावना और सकारात्मक विचारों को विद्यार्थियों तक पहुंचाना तथा विद्यालय एवं महाविद्यालय परिसरों में अनुशासन और सकारात्मक वातावरण का निर्माण करना है।

उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परिषद का कार्य केवल संगठन का विस्तार करना नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व का विकास कर उन्हें समाज और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनाना है। संगठन का मूल उद्देश्य व्यक्तित्व निर्माण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण करना है।

अर्बन नक्सलवाद के खिलाफ वैचारिक संघर्ष की जरूरत : निलेश सोलंकी

अखिल भारतीय जनजाति कार्य प्रमुख निलेश सोलंकी ने कहा कि विद्यार्थी परिषद केवल फीस, प्रवेश, परीक्षा, परिणाम, छात्रावास या अन्य छात्र समस्याओं को लेकर आंदोलन करने वाला संगठन नहीं है, बल्कि समस्याओं के समाधान का मार्ग भी दिखाता है। परिषद विद्यार्थियों में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक चेतना और नेतृत्व क्षमता विकसित करने का कार्य करती है।

उन्होंने कहा कि संगठन का लक्ष्य व्यक्ति निर्माण से समाज निर्माण और समाज निर्माण से राष्ट्र निर्माण करना है। उन्होंने बताया कि रेडियो युग में प्रारंभ हुआ यह संगठन आज कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के दौर में भी लगातार प्रगति कर रहा है और विश्व का सबसे बड़ा छात्र संगठन बन चुका है।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि देश काफी हद तक बंदूकधारी नक्सलवाद की चुनौती से मुक्त हो चुका है, लेकिन अब वैचारिक स्तर पर मौजूद चुनौतियों का सामना करना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि तथाकथित "अर्बन नक्सलवाद" जैसी विचारधारात्मक चुनौतियों के विरुद्ध वैचारिक संघर्ष में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।

प्रदेश भर से पहुंचे कार्यकर्ता

चार दिवसीय इस अभ्यास वर्ग में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. आशुतोष मांडवी, क्षेत्रीय संगठन मंत्री चेतस सुखाड़िया, क्षेत्रीय जनजाति कार्य प्रमुख रामाधार बैंस सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों और महाविद्यालयों से बड़ी संख्या में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता शामिल हो रहे हैं।

आयोजकों का कहना है कि यह अभ्यास वर्ग आने वाले शैक्षणिक सत्र में संगठन की गतिविधियों को नई दिशा देने के साथ-साथ युवाओं को सामाजिक और राष्ट्रीय दायित्वों के प्रति जागरूक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।