मेकाज में 100 से अधिक इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, ठप हुईं स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को हो रही परेशानी 

मेकाज में 100 से अधिक इंटर्न डॉक्टर स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, ठप हुईं स्वास्थ्य सेवाएं मरीजों को हो रही परेशानी 
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

6 अगस्त 2026 जगदलपुर :- जगदलपुर के डिमरापाल स्थित बलीराम कश्यप स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय (मेकाज) में स्टाइपेंड (मानदेय) बढ़ाने की मांग को लेकर 100 से अधिक इंटर्न डॉक्टर मंगलवार से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं। लंबे समय से मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं होने से नाराज इंटर्न डॉक्टरों ने मेकाज परिसर में धरना शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

इंटर्न डॉक्टरों का आरोप है कि छत्तीसगढ़ में मेडिकल इंटर्न को मिलने वाला मासिक स्टाइपेंड देश के कई राज्यों की तुलना में सबसे कम है। वर्तमान में उन्हें 15,900 रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जा रहा है, जबकि अन्य राज्यों में इससे कई गुना अधिक राशि मिलती है। डॉक्टरों की मांग है कि स्टाइपेंड को कम से कम 30,000 रुपये प्रतिमाह किया जाए अथवा अन्य राज्यों के समान निर्धारित किया जाए।

काली पट्टी से विरोध, अब अनिश्चितकालीन धरना

डॉक्टरों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वे अस्पताल में कार्य करते हुए काली पट्टी बांधकर शांतिपूर्ण विरोध दर्ज करा रहे थे। इसके बावजूद शासन और प्रशासन की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। मजबूर होकर अब सभी इंटर्न डॉक्टर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गए हैं।

इंटर्न डॉक्टरों का कहना है कि कम मानदेय के बावजूद उनसे नियमित रूप से अस्पताल की महत्वपूर्ण सेवाएं ली जाती हैं। उनका मानना है कि सम्मानजनक और समयबद्ध स्टाइपेंड उनका अधिकार है तथा इंटर्न और पीजी डॉक्टरों के आर्थिक शोषण को समाप्त किया जाना चाहिए।

स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखने लगा असर

इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल का असर अब मेकाज की स्वास्थ्य सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। अस्पताल प्रशासन ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए जूनियर डॉक्टरों को अतिरिक्त जिम्मेदारियां सौंपी हैं। इसके बावजूद ओपीडी, वार्डों और अन्य सेवाओं पर दबाव बढ़ गया है। मरीजों और उनके परिजनों को उपचार में देरी तथा अन्य असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

अन्य राज्यों से तुलना कर रखी मांग

हड़ताली डॉक्टरों का कहना है कि पड़ोसी और अन्य राज्यों में इंटर्न डॉक्टरों को कहीं अधिक स्टाइपेंड दिया जाता है। उनके अनुसार ओडिशा में लगभग 40,953 से 44,319 रुपये, पश्चिम बंगाल में करीब 43,099 रुपये तथा असम में लगभग 36,225 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड दिया जाता है। ऐसे में छत्तीसगढ़ में मिलने वाला 15,900 रुपये का मानदेय बेहद कम है।

मांग पूरी होने तक आंदोलन जारी

इंटर्न डॉक्टरों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी। वहीं अस्पताल प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है और वैकल्पिक व्यवस्था के जरिए मरीजों को उपचार उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहा है।