चार दिन की बाढ़ ने छोड़े तबाही के निशान, पानी उतरा तो उजड़े आशियानों का दर्द आया सामने

चार दिन की बाढ़ ने छोड़े तबाही के निशान, पानी उतरा तो उजड़े आशियानों का दर्द आया सामने
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

29 सितम्बर 2026 जगदलपुर/बस्तर :- लगातार बारिश और जलभराव के चलते बस्तर में आई भीषण बाढ़ का पानी अब धीरे-धीरे उतरने लगा है, लेकिन पीछे तबाही की तस्वीर छोड़ गया है। नदी किनारे और निचली बस्तियों में रहने वाले हजारों परिवारों के घरों में पानी घुसने से गृहस्थी का सामान बर्बाद हो गया, जबकि कई मकान क्षतिग्रस्त होकर रहने लायक नहीं बचे हैं।

राहत शिविरों में पहुंचे परिवार जब अपने घर लौटे तो सामने टूटे मकान, कीचड़ से भरे कमरे और बर्बाद सामान का मंजर था। अनाज, कपड़े, बिस्तर, बर्तन, फर्नीचर और बच्चों की किताबों समेत जरूरी सामान पानी में खराब हो गया। कई परिवारों के सामने अब घर की मरम्मत और दोबारा जिंदगी शुरू करने की बड़ी चुनौती है।

पानी उतरा, लेकिन डर अब भी बाकी

बाढ़ पीड़ितों का कहना है कि उन्होंने पहले भी बाढ़ देखी है, लेकिन इस बार पानी जिस तेजी से बढ़ा, उससे संभलने का मौका तक नहीं मिला। कई परिवारों को आखिरी समय में सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। गंभीर रूप से प्रभावित लोगों को राहत एवं बचाव दलों की मदद से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।

एक पीड़ित परिवार ने बताया, “पानी इतनी तेजी से घर में घुसा कि जरूरी सामान निकालने का भी समय नहीं मिला। अब लौटकर देखा तो घर और गृहस्थी दोनों बर्बाद मिले।”

टूटे घरों के बीच नई शुरुआत की चुनौती

बाढ़ का पानी कम होने के बाद अब प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन शुरू हो रहा है। कई जगह सड़क, बिजली, पेयजल और आवागमन की व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। जिन परिवारों के मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं, उनके लिए तत्काल आश्रय और आर्थिक सहायता बड़ी जरूरत बन गई है।

इधर, प्रशासन के साथ सामाजिक संगठनों और सेवा समूहों ने भी राहत कार्य तेज किए हैं। प्रभावित लोगों तक भोजन, पानी और जरूरी सामग्री पहुंचाई जा रही है।

चार दिन की बाढ़ का पानी भले ही उतरने लगा हो, लेकिन हजारों परिवारों के लिए असली संघर्ष अब शुरू हुआ है—उजड़े घर को फिर बसाने और बिखरी जिंदगी को दोबारा पटरी पर लाने का।