बाढ़ में फंसे ग्रामीण को रेस्क्यू से पहले सांप ने डंसा, मौत से गांव में पसरा मातम गाय-बैल को छोड़कर जाने से किया इनकार, दोबारा रेस्क्यू करने पहुंची टीम तो हो चुकी थी अनहोनी
27 सितम्बर 2026 जगदलपुर/नगरनार :- बस्तर में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच आई बाढ़ ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। जिले के करीब 300 गांवों के प्रभावित होने की सूचना है। कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया है, वहीं बड़ी संख्या में ग्रामीण बाढ़ के बीच फंसे हुए हैं। इसी प्राकृतिक आपदा के दौरान नगरनार क्षेत्र से एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहां बाढ़ में फंसे एक ग्रामीण की सर्पदंश से मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार नगरनार क्षेत्र के नदी बोड़ना गांव में बाढ़ की स्थिति के बीच प्रशासन की रेस्क्यू टीम ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने पहुंची थी। इसी दौरान रेनू कश्यप 55 ने रेस्क्यू टीम के साथ जाने से इनकार कर दिया। बताया जा रहा है कि रेनू कश्यप का कहना था कि उसके गाय-बैल गांव में ही हैं, इसलिए वह उन्हें छोड़कर नहीं जाएगा। उसने बाकी ग्रामीणों को पहले सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की बात कही।
रेस्क्यू टीम ने अन्य ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया और बाद में रेनू कश्यप को भी निकालने के लिए दोबारा गांव की ओर रवाना हुई। इसी दौरान पता चला कि रेनू कश्यप को सांप ने डस लिया था। गंभीर हालत में उसे बचाने का प्रयास किया गया, लेकिन उसकी मौत हो गई।
इस घटना ने बाढ़ की भयावह स्थिति के बीच ग्रामीणों की मुश्किलों को और उजागर कर दिया है। एक ओर जहां लोग अपने घर, मवेशी और सामान बचाने की चिंता में बाढ़ के बीच रुके हुए हैं, वहीं दूसरी ओर लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण सर्पदंश, डूबने और अन्य हादसों का खतरा भी बढ़ गया है।
रेनू कश्यप 55 वर्ष की मौत की खबर से गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि प्राकृतिक आपदा ने पहले ही क्षेत्र में भारी नुकसान पहुंचाया है और अब इस तरह की दुखद घटनाएं लोगों को और झकझोर रही हैं।
प्रशासन और बचाव दल लगातार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हुए हैं। ऐसे हालात में प्रशासन की ओर से लोगों से अपील की जा रही है कि वे बाढ़ग्रस्त इलाकों में अनावश्यक रूप से न रुकें और रेस्क्यू टीम के निर्देशों का पालन करते हुए सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं।