जमीन दी, वादे मिले… अब हक के लिए नगरनार  NMDC प्लांट के सामने अनिश्चितकालीन धरना

जमीन दी, वादे मिले… अब हक के लिए नगरनार  NMDC प्लांट के सामने अनिश्चितकालीन धरना
जगदलपुर - TIMES OF BASTAR

23 सितम्बर 2026 नगरनार,जगदलपुर :- लगातार दूसरे दिन नगरनार स्टील प्लांट के मुख्य द्वार पर प्रभावित किसान, सरपंच-पंच और ग्रामीण डटे; 10 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन तेज

NMDC नगरनार स्टील प्लांट के लिए भूमि देने वाले प्रभावित किसान, सरपंच, पंच एवं विभिन्न ग्राम पंचायतों के ग्रामीण अपनी लंबित मांगों को लेकर लगातार दूसरे दिन आंदोलन पर डटे हुए हैं। प्रभावित ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने 22 सितंबर 2026 से NMDC नगरनार स्टील प्लांट के मुख्य द्वार के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू किया है। बुधवार को आंदोलन का दूसरा दिन रहा।

प्रभावित ग्राम पंचायतों का कहना है कि नगरनार में इस्पात संयंत्र के लिए भूमि अधिग्रहण के समय प्रभावित किसानों और गांवों के विकास को लेकर कई घोषणाएं की गई थीं। इन मांगों को लेकर पिछले करीब एक वर्ष से NMDC प्रबंधन को पत्राचार के माध्यम से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार अब तक अपेक्षित सकारात्मक पहल और ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।

आंदोलनकारी ग्राम पंचायतों ने NMDC नगरनार इस्पात संयंत्र तथा पाइपलाइन परियोजना के अधिकारियों को संबोधित पत्र में 10 सूत्रीय मांगें रखी हैं।

क्या हैं ग्रामीणों की 10 प्रमुख मांगें?

1. सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का अधूरा वादा पूरा हो

ग्रामीणों के अनुसार कोपागुड़ा-खुटपदर क्षेत्र में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए 22 एकड़ जमीन हस्तांतरित किए जाने के बावजूद अस्पताल की नींव तक नहीं रखी गई है। प्रभावित पंचायतें अस्पताल निर्माण का काम शुरू करने की मांग कर रही हैं।

2. स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता

भू-प्रभावित किसानों और क्षेत्रीय युवाओं को NMDC इस्पात संयंत्र में रोजगार के अवसरों में प्राथमिकता देने की मांग की गई है।

3. जगदलपुर-नगरनार मार्ग को सिक्स-लेन किया जाए

भारी वाहनों और ट्रेलरों की लगातार आवाजाही से सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ने का हवाला देते हुए ग्रामीणों ने जगदलपुर-नगरनार मार्ग को जल्द से जल्द सिक्स-लेन करने की मांग रखी है।

4. प्रभावित गांवों में बुनियादी सुविधाओं का विकास

भूमि अधिग्रहण से प्रभावित ग्राम पंचायतों में शिक्षा, पेयजल, बिजली, सड़क और खेल सुविधाओं का त्वरित एवं समग्र विकास करने की मांग की गई है।

5. सांस्कृतिक आयोजनों के लिए सहयोग राशि बढ़ाई जाए

मड़ई-मेला, होली और स्थानीय पारंपरिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए दी जाने वाली वार्षिक सहयोग राशि को वर्तमान महंगाई को देखते हुए बढ़ाने की मांग की गई है।

6. दूषित जल का वैज्ञानिक निस्तारण और फसल का उचित मुआवजा

पत्र में आरोप लगाया गया है कि संयंत्र के गेट नंबर-03 से उपजाऊ भूमि की ओर दूषित पानी छोड़े जाने से फसलों को नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रभावित फसलों का उचित मुआवजा देने के साथ जल शोधन और पुनर्चक्रण की व्यवस्था की मांग की है।

7. रोजगार की अधिकतम आयु सीमा 33 से बढ़ाकर 40 वर्ष हो

स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए वर्तमान अधिकतम आयु सीमा 33 वर्ष से बढ़ाकर 40 वर्ष करने की मांग रखी गई है।

8. ITI में रोजगारपरक ट्रेडों का प्रशिक्षण मिले

ग्रामीणों का कहना है कि नगरनार ITI में स्थानीय युवाओं को राजमिस्त्री जैसे ट्रेड में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके स्थान पर इलेक्ट्रिशियन, फिटर और मैकेनिकल इंजीनियरिंग जैसे रोजगारपरक ट्रेडों में प्रशिक्षण देने की मांग की गई है।

9. शेष प्रभावित किसानों को रोजगार और स्वास्थ्य सुविधा

पत्र में वर्ष 2010 में चिन्हांकित 1,152 प्रभावित किसानों में से शेष 314 किसानों को NMDC में रोजगार देने की मांग की गई है। साथ ही रोजगार मिलने तक इन किसानों और उनके परिवारों को निःशुल्क स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की गई है।

10. अन्य प्रभावित पंचायतों को भी भू-प्रभावित ग्राम पंचायत का दर्जा मिले

NMDC संयंत्र के आसपास स्थित मारकेल-1, मारकेल-2, खम्हारगांव, गरावंडखुर्द और कलचा को भी भू-प्रभावित ग्राम पंचायतों की सूची में शामिल करने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने कहा—मांगें पूरी होने तक जारी रहेगा आंदोलन

प्रभावित ग्राम पंचायतों के जनप्रतिनिधियों का कहना है कि ये मांगें लंबे समय से लंबित हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन और NMDC प्रबंधन से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर मांगों पर समयबद्ध कार्रवाई करने की मांग की है।

धरना स्थल पर किसान, सरपंच, पंच और ग्रामवासी लगातार मौजूद हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस पहल नहीं होती, तब तक अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन जारी रहेगा।