23 अक्टूबर को सिनेमाघरों में गूंजेगा ‘काली खेती’ का खौफ, बस्तर की बेटी सना खान ने बॉलीवुड में रखा कदम
04 अक्टूबर 2026 जगदलपुर/बस्तर :- बॉलीवुड में जल्द ही एक ऐसी हॉरर फिल्म दस्तक देने जा रही है, जिसकी कहानी गांव, खेती, परिवार और पीढ़ियों से छिपे रहस्यों के इर्द-गिर्द बुनी गई है। ‘काली खेती’ नाम की यह सुपरनैचुरल रूरल थ्रिलर 23 अक्टूबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
फिल्म में जैकी श्रॉफ, शरद केलकर और नेहा सरगम प्रमुख भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म का मोशन पोस्टर जारी होते ही इसके रहस्यमय और डरावने माहौल ने दर्शकों का ध्यान खींचा है। पोस्टर में अंधेरी रात, लालटेन और भयावह आकृति के साथ ऐसा माहौल तैयार किया गया है, जो फिल्म की कहानी में छिपे रहस्य की झलक देता है।
‘रोशनी बुझने न देना, खेती जागने वाली है’

फिल्म की घोषणा 29 सितंबर 2026 को की गई। जैकी श्रॉफ ने फिल्म का मोशन पोस्टर साझा करते हुए लिखा— “रोशनी बुझने न देना, खेती जागने वाली है।” इस एक पंक्ति ने फिल्म को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।
फिल्म की कहानी ग्रामीण भारत की पृष्ठभूमि में कृषि, परिवार और विरासत से जुड़ी पुरानी सच्चाइयों को हॉरर और रहस्य के साथ जोड़ती है।
बस्तर की बेटी सना खान बनीं फिल्म की निर्माता

‘काली खेती’ की खास बात यह भी है कि इसके निर्माण से बस्तर और जगदलपुर का गहरा जुड़ाव है। जगदलपुर के हाटकचोरा निवासी जाने-माने इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोफेशनल काज़िम रज़ा खान की बेटी सना खान ने फिल्म निर्माण के क्षेत्र में कदम रखा है। सना खान BlackCanvas Studio के बैनर तले बनी इस फिल्म की निर्माता हैं।
बस्तर की धरती से जुड़ी प्रतिभा का बॉलीवुड के बड़े पर्दे तक पहुंचना स्थानीय लोगों के लिए भी गौरव का विषय है। सना खान की यह शुरुआत फिल्म निर्माण के क्षेत्र में बस्तर की प्रतिभाओं के लिए नई संभावनाओं का संकेत भी देती है।
कौन-कौन कलाकार आएंगे नजर?
हारिस इम्तियाज़ खान के लेखन और निर्देशन में बनी ‘काली खेती’ में जैकी श्रॉफ, शरद केलकर और नेहा सरगम के साथ वीरेंद्र सक्सेना और शाजी चौधरी भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।
फिल्म 23 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। ऐसे में हॉरर और रहस्य पसंद करने वाले दर्शकों के बीच ‘काली खेती’ को लेकर उत्सुकता बढ़ने लगी है।
बस्तर की बेटी का बॉलीवुड में यह कदम—सिर्फ एक फिल्म नहीं, बल्कि बस्तर की प्रतिभा की नई पहचान की शुरुआत है।